युवती के जेठ ने अपने 9 दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप

— घर से अगवा कर युवती के साथ गैंगरेप
— 2 महीने मे पुलिस ने नही की कोई कार्रवाई
— हाईकोर्ट के आदेश पर मेडिकल के बाद एफआईआर दर्ज

एंकर — महिलाओ को लेकर भले ही बड़े बड़े दावे और वादे किये जाते रहे हो लेकिन उत्तर प्रदेश मे महिलायें कितनी सुरक्षित है इसका अन्दाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है,कि एक युवती को उसके घर से अगवा कर कर 10 लोगों ने बारी बारी कई दिनो तक रेप किया,और जब युवती किसी तरह दरिन्दो को चंगुल से छूट कर भाग निकली और पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने कोई कार्रवाई करना ही मुनासिब न समझा,2 महीने भटकते रहने के बाद पीड़िता ने कोर्ट का सहारा लिया और हाईकोर्ट के आदेश पर पीड़ित युवती का मेडिकल परीक्षण हुआ लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने FIR तक दर्ज नहीं की जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस उपमहानिरीक्षक से न्याय की गुहार लगाई तब जाकर कहीं एसपी के आदेश पर पीड़िता का मामला दर्ज हो सका है ।

वीओ — दरसल हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय युवती की शादी एक वर्ष पूर्व हुई थी, युवती जब अपने ससुराल पहुंची तो उसे पता चला कि उसका पति मानसिक रूप से ठीक नहीं है, कुछ दिन बीतने के बाद युवती के ससुराल वाले उसको दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे तथा युवती ने आरोप लगाया कि उसका चचेरा जेठ परशुराम उसके साथ जबरदस्ती रेप करने लगा, इसकी शिकायत जब सास ससुर से कि तो उन्होने बच्चा पैदा करने कि बात कही ,बात जब हद से ज्यादा बढ़ी तो जोर जबरदस्ती किए जाने की जानकारी पीड़िता ने अपने परिजनों को दी, जिस पर परिजनों ने ससुराल वालों पर संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया, और अपनी पुत्री को लेकर घर चले आए,
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज करवा कर वह अपने घर रहने के लिए आई तो कुछ दिनों बाद जेठ और उसके साथ अन्य करीब 9 लोग मायके में बुलेरो गाड़ी से आए. सभी के पास असलहे व बंदूकें थी जिसके दम पर वह युवती को गाड़ी में जबरन बैठा कर ले गए,

पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने उसे सांडी थाना क्षेत्र में एक पक्के मकान में करीब आठ दिनों तक रखा,वहां उसके साथ आठ दिनों तक सामूहिक दुष्कर्म किया, एक रोज जैसे ही सभी नशे में धुत्त आरोपी सोए पीड़िता वहां से फरार हो गई, युवती को उसी गांव के प्रधान ने देखा और उसकी आपबीती सुनी, जिसके बाद उसके परिजनों को सूचित किया।

बाइट — पीड़ित के परिजन

वीओ 02 — घटना के बाद परिजन बराबर ही पुलिस के चक्कर काटते रहे लेकिन कोई कार्रवाई पुलिस ने नही कि की गई पुलिस से हारकर पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली और हाईकोर्ट ने पीड़िता का मेडिकल कराने और मामला दर्ज करने के आदेश हरदोई पुलिस को दिए पीड़िता का मेडिकल तो करा दिया गया लेकिन उसकी FIR कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं दर्ज हुई रेप पीड़िता 2 महीने तक थाने के चक्कर लगाती रही लेकिन उसको कहीं न्याय नहीं मिला जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का आदेश के पालन के संबंध में पुलिस उपमहानिरीक्षक की चौखट पर दस्तक दी तब जाकर कहीं एसपी के आदेश पर मामला दर्ज हो सका है वही हर मामले में जांच कर कार्यवाही करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस इस बार जांच से पहले ही नतीजे पर पहुंच गई SP हरदोई ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताया।

बाइट — विपिन मिश्र (एसपी)
बाइट — रिश्तेदार