
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान के करतारपुर स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब जाने के लिए मार्ग खोलने को पहल करने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से निजी हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। कैप्टन ने कहा है कि श्री गुरु नानक देव के 550वें प्रकाशोत्सव पर पंजाब के श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर का मार्ग खोलने को पाकिस्तान से बात की जाए।
करतारपुर राबी नदी के पार अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर पाकिस्तान में स्थित है। यह मामला पंजाब के कैबिनेट मंत्री आैर पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान दौरे के दौरान फिर सुर्खियों में अाया था। पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर उठे विवाद पर सफाई देते हुए सिद्धू ने कहा था कि बाजवा ने श्री गुुरु नानकदेव साहिब के 550वें प्रकाशोत्सव पर करतारपुर मार्ग खोलने की बात कीे थी। इससे भावुक होकर उन्होंने बाजवा को झप्पी दे दी।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुषमा स्वराज को पत्र लिखकर पूरे मामले में व्यक्ति रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती सिखों के लिए बहुत महान व श्रद्धापूर्ण अवसर है। ऐसे में सिख श्रद्धालु पाकिस्तान के करतारपुर स्थित पवित्र श्री गुरुद्वारा साहिब जाना चाहते हैं। एेसे में इस अवसर पर पाकिस्तान से करतारपुर मार्ग खोलने के लिए बात की जानी चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सुषमा स्वराज से अनुरोध किया कि वह इस बारे में पाकिस्तान सरकार से बात करें और इस अवसर पर इस मार्ग को खुलवाने के लिए पहल करें। इससे सिख श्रद्धालुओं को बहुत सुविधा होगी व उनके लिए यह पावन अवसर और यादगार बन जाएगा। कैप्टन ने पत्र में कहा है कि विदेश मंत्री यह मामला अपने पाकिस्तानी समकक्ष से उठाएं। यह मार्ग खुलने से श्रद्धालु करतारपुर मार्ग से गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हो सकेंगे। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूरी महज चार किमी है। गुरदासपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा भी यहां से बिल्कुल पास है।
इसलिए है महत्व
प्रथम गुरु श्री नानक देव जी ने करतारपुर साहिब में ही अंतिम श्वास लिए थे। उनका 550वांं प्रकटोत्सव नवंबर 2019 में मनाया जाएगा। सिख समुदाय लंबे समय से इस मार्ग को खोलने की मांग करता रहा है। अभी श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा मार्ग से जाना पड़ता है, जो काफी लंबा है। पंजाब सरकार ने इस संबंध में केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखा है कि यह मामला पाकिस्तान से उठाया जाए।
मनमोहन सिंह ने किए थे प्रयास
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 1 सितंबर, 2004 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व पर अमृतसर में एेलान किया था कि वह पाकिस्तान से मार्ग खोलने का मुद्दा उठाएंगे। उन्होंने साल 2005 और 2006 में पंजाब दौरे पर यह बात दोहराई, लेकिन कोशिशों के बावजूद इसका कोई हल नहीं निकल सका।