योगी कैबिनेट ने लिया सरकारी मकानों से नेताओं-एनजीओ हटाने का फैसला

लखनऊ। राज्य संपत्ति विभाग के भवनों पर अवैध रूप से काबिज संस्थाओं, राजनीतिक दल, कर्मचारी व अन्य संगठन, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, पत्रकार, अधिकारी और एनजीओ जैसे सभी आवंटियों को आसानी से बेदखल किया जा सकेगा। मंगलवार को कैबिनेट द्वारा उप्र सार्वजनिक भू-गृहादि (कतिपय अप्राधिकृत अध्यासियों की बेदखली) नियमावली-2018 को मंजूरी देने से राज्य संपत्ति विभाग की मुश्किलें कम होंगी।

राज्य संपत्ति विभाग के पास अभी तक अपने भवनों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई नियमावली नहीं थी। जिस कारण राज्य संपति विभाग के 115 भवनों पर अवैध तरीके से कई संस्थाएं एवं व्यक्ति काबिज है। आवंटन अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जाधारियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसके लिए वर्ष 2010 में एक्ट तैयार किया गया था परंतु नियमावली नहीं बन सकी। इसका लाभ उठाकर अवैध कब्जाधारी न्यायालय का सहारा लेने में कामयाब हो जाते थे। अब नियमावली बन जाने के बाद बेदखल करने की कार्रवाई आसानी से हो सकेगी। 

15 दिन के नोटिस पर पुलिसिया कार्रवाई होगी 

आवंटन निरस्त होने के बाद राज्य संपत्ति विभाग को अधिकार होगा कि आवंटी को भवन खाली करने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी करें। इस अवधि में भवन खाली नहीं होता है तो मजिस्टे्रट व पुलिस बल को साथ लेकर खाली कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।