
लाहौर: पाकिस्तान के संसदीय चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) प्रधानमंत्री पद के लिए अपने प्रमुख इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार कर रही है. पार्टी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. इमरान (65) की अगुवाई वाली पीटीआई 25 जुलाई को पाकिस्तानी संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के लिए हुए चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है. लेकिन अपने दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल अब भी उसके पास नहीं है. पीटीआई प्रमुख ने सोमवार को कहा था कि वह 11 अगस्त को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे.
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने जब प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी उस समय पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया. शरीफ ने मोदी का निमंत्रण स्वीकार किया था और दिल्ली में मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था.
इमरान की पार्टी पीटीआई के एक नेता ने बताया, ‘तहरीक-ए-इंसाफ की कोर कमेटी मोदी सहित दक्षेस देशों के प्रमुखों को आमंत्रित करने पर विचार कर रही है और इस पर जल्द ही फैसला लिए जाने की संभावना है. उन्होंने चुनावों में जीत पर इमरान को बधाई देने के लिए मोदी द्वारा किए गए फोन को स्वागतयोग्य संकेत करार दिया ताकि दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया जा सके.
इमरान की पार्टी के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने भी शपथ-ग्रहण समारोह में मोदी को आमंत्रित करने की संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘आने वाले दिनों में विदेश मंत्रालय से विचार-विमर्श करके पार्टी की ओर से फैसला किया जाएगा. मोदी ने इमरान को फोन करके आम चुनावों में उनकी पार्टी की जीत की बधाई दी थी और उम्मीद जताई थी कि ‘‘पाकिस्तान और भारत द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने के लिए काम करेंगे.’
इमरान ने शुभकामनाएं देने पर मोदी का शुक्रिया अदा किया और इस बात पर जोर दिया कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझाए जाने चाहिए. पीटीआई प्रमुख ने कहा था, ‘वाद-विवाद सुलझाने की बजाय युद्ध और खूनखराबे से त्रासदी होती है.इमरान ने अपनी जीत के बाद के पहले संबोधन में कहा था कि पाकिस्तान और भारत के बीच बेहतर रिश्ते ‘हम सभी के लिए अच्छे हैं.’