कहते हैं, इरादे मजबूत होंं तो आसमान में भी छेद किया जा सकता है और इस बात को मुनाफ कपाड़िया ने साबित कर दिखाया. दरअसल मुनाफ गूगल में काम करते थे, जिसकी नौकरी छोड़कर उन्होंने समोसे बेचने का बिजनेस शुरू किया और देखते ही देखते उनका नाम फोर्ब्स की टॉप-30 अंडर 30 की सूची में शुमार हो गई. लेकिन मुनाफ यहां तक कैसे पहुंचे यह जानना काबिले तारीफ है और प्रेरक भी. इस सफलता की कहानी को पढ़ने के बाद हो सकता है कि आप भी अपने छुपे हुए हुनर से वो बन जाएं, जिसकी कल्पना आप सिर्फ सपनों में ही करते हैं.
मुनाफ की सफलता की कहानी
ज्यादातर IT प्रोफेशनल्स के लिए Google में काम करना सपना होता है. गूगल में उन्हें ब्रैंड वैल्यू तो मिलती ही है, साथ में अच्छी सैलरी और स्थिरता भी मिलती है. एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुनाफ ने कुछ समय नौकरी की और फिर विदेश जाने का फैसला किया. वहां उन्होंने गूगल को इंटरव्यू दिया और उनका सेलेक्शन हो गया.
मुनाफ ने गूगल ज्वाइन किया और कुछ वर्षों की नौकरी के बाद ही इस्तीफा भी दे दिया. मुनाफ ने अपने घर मुंबई वापस लौटने का मन बना लिया था. अब वो नौकरी नहीं करना चाहते थे, बल्कि कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे वो कुछ लोगों को नौकरी दे सकें. इसकी प्रेरणा उन्हें अपनी मां से मिली, जो बहुत ही अच्छा खाना बनाती थीं और टीवी से देखकर नये प्रयोग भी करती थीं. उन्हें देखने के बाद ही मुनाफ को यह ख्याल आया कि क्यों ना एक फूड चेन की शुरुआत की जाए. मुनाफ ने अपनी एक कंपनी शुरू की, जिसका नाम उन्होंने ‘द बोहरी किचन’.
मुनाफ का बिजनेस सेट करने में भी उनकी मां ने बहुत मदद की. दरअसल जब मुनाफ ने रेस्टोरेंट की शुरुआत की तो उनकी मां ही वहां खाना और स्नैैैैक्स बनाती थीं. मुनाफ ने अपने फेसबुक प्रोफाइल में लिखा है कि ‘मैं वो आदमी हूं जिसने समोसा बेचने के लिए गूगल की नौकरी छोड़ दी.
आज की तारीख में मुनाफ के रेस्टोरेंट की पूरी और समोसे खूब मशहूर हैं. यहां तक कि TBK’s के समोसों की डिमांड तो 5 स्टार होटलों और सेलीब्रिटीज के घरों में भी होती है. समोसे के अलावा मुनाफ के रेस्टोरेंट में नर्गिस कबाब, डब्बा गोश्त और कई और भी स्वादिष्ट डिश मिलता है. रेस्टोरेंट अब करीब दो साल हो चुके हैं और मुनाफ का टर्नओवर 50 लाख से ज्यादा हो गया है. मुनाफ अपने सालाना मुनाफे को 5 करोड़ तक पहुंचाना चाहते हैं. मुनाफ का रेस्टोरेंट इतना मशहूर है कि लोग वहां खाना खाने के लिए लाइन में इंतजार करते हैं. मुनाफ ने फोर्ब्स की अंडर 30 लिस्ट में भी अपनी जगह बना ली है. मुनाफ अपनी कामयाबी का सारा श्रेय अपनी मां को देते हैं.