
सीतापुर रेलवे स्टेशन परिसर के अन्दर चाय के खोखे, पान के ठेले,फल के ठेलै, मूगफली, चने लाई के ठेले आदि लग रहते है जिससे यात्रियो को निकलने मे भी काफी परेशानियो का सामना भी करना पडता है वही सबसे खास बात ये है कि इस चाय के ठेले पर घरेलू गैस सिलेण्डर का प्रयोग किया जा रहा है जो कि कानूनन अपराध है और अपराध की श्रेणी मे आता है बिना लाइसेन्स के जो चाय पान मूगफली लाई चने के जो ठेले लगे है ये कानूनन अपराध है क्या इसको सम्बन्धित अधिकारी नही देखते है ?क्या वह इस रास्ते से नही गुजरते है?क्यो नही इसको रोका जा रहा है जब हमारे संवादादाता ने इस बारे मे वहा पर जा कर एक ठेले वाले से पूछा की तुम इसके परिसर के अन्दर ठेला लगाये हो तो तुम्हे कोई मना नही करता है उसका जवाब था की ठेला लगाते है तो उसके रूपये आर पी एफ मे जाते है नाम न छापने की शर्त पर (कालपनि नाम सुधीर) ने बताया खोखो वाले ने बताया करोना काल के बाद से अब हम लोगो से रू और बढा दिये गये है बच्चे पालना है जगह कही है नही तो मजबूरी मे यहा पडे है लेकिन यहा के भी रेट जादा हो गये है क्या करे वही दूसरी तरफ आर पी एफ के एक दो सिपाही जब ड्यूटी पर आते है तो कोई भी ठेले खोखो से आकर कुछ न कुछ उठा के खा लेते है और उसका पैसा भी नही देते है हम लोग माग भी नही सकते क्योकी उन्ही की छात्रछाय मे रहना है और ये भी बताया जब रेल विभाग के आला अधिकारी सर्वे करने आते है तब हम सबको पहले से हटा दिया जाता हैऔर आकर सवर्क्षण कर वापस चले जाते है तब हम लोग लगाते है।