
एंकर–अलीगढ़ । सरकार शिक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है, शिक्षा में सुधार के लिए अरबों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है। लेकिन अलीगढ़ में एक सरकारी स्कूल की छत टूटने के बाद स्कूली बच्चे सड़क पर आ गये। पिछले एक सप्ताह से स्कूली छात्र सड़क पर पढ़ने को मजबूर हैं, बेगपुर में विद्यालय नम्बर 60 किराए के भवन पर चलता है। मकान मालिक ने एक सप्ताह पहले विद्यालय के ऊपरी भाग को शिक्षा विभाग को बिना बताए तोड़वा दी।
नीचे की इमारत जर्जर है जो कभी भी गिर सकती है। हल्की बारिश में ही छत टपकने लगती है। छत में सीलन लगी है, तो वहीं प्लाटर भी गिर रहा है। विद्यालय 60 साल पुराना है, और बेसिक शिक्षा विभाग यहां मात्र 40 रुपये का किराए देता है, इस विद्यालय में न तो बिजली है और न ही शौचालय । इन परिस्थितियों में शिक्षक छात्रों को पढ़ा रहे हैं। बेगपुर की गली में घूसते ही एक शोर सुनाई पड़ता है, शोर से पता चल जाता है कि छात्र सड़क पर पढ़ रहे हैं। लेकिन इन छात्रों के स्कूल की बिल्डिग नसीब नहीं है। दोनों तरफ नाली और सड़क पर दरी बिछा कर पढ़ाई में लगे है। इस गली के बीच से साइकिल औक मोटरसाइकिल निकलती है।
बच्चों को पढ़ाई में व्यवधान होता है,पिछले एक सप्ताह से यही चल रहा है। स्मार्ट क्लास की बात करने वाले विभाग की संज्ञान में पूरा मामला है, फिर भी बेसिक शिक्षा अधिकारी आंखे बंद कर बैठे हैं। स्कूल छात्र मानव ने बताया कि हमारे स्कूल की छत तोड़वा दी गई है,बिजली नहीं है,सड़क पर पढ़ रहे हैं, डीएम अंकल मेरा स्कूल दिलवा दो। स्कूल की प्रधानाचार्या हेमलता ने बताया कि स्कूल की छत को मकान मालिक ने 11 जुलाई को बिना बताए तुड़वा दी,उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल में बैठने की कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है,नीचे के कमरे की छत गिराऊ है, अंदर खतरा है, इसलिए बच्चे बाहर पढ़ने को मजबूर हैं।
इन्होंने बताया नगर शिक्षा अधिकारी आ चुकी है, और स्कूल की बिल्डिंग के लिए प्रयास कर रही है। सहायक अध्यापिका गारिमा ने बताया कि यहां 110 बच्चे रजिस्ट्रर्ड है , डेली 90 के करीब छात्र उपस्थित रहते हैं। सड़क पर पढ़ने के कारण कुछ बच्चे दूसरे स्कूल चले गये हैं। सहायक शिक्षिका ने बताया कि स्कूल की छत को मकान मालिक ने तुड़वा दिया, और नीचे बने एक कमरे की छत चिटक गई है, अभिभावक भी अपने बच्चों को लेकर गंभीर है। शिक्षा विभाग के अधिकारी पूरे मामले से अवगत हैं। अदम गोंडवी के शब्दों में शिक्षा बिभाग पर उनकी कविता सटीक बैठता है कि तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर, ये आंकड़े झूठे है, ये दावा किताबी है।
बाइट- मानव , छात्र
बाइट – हेमलता, प्रधानाचार्य
बाइट- गरिमा,सहायक अध्यापक
बाइट – हारिश, समाजसेवी