योगी सरकार की साख पर बट्टा लगा रहा करोड़ों का घोटालेबाज ग्राम विकास अधिकारी

सत्ता पक्ष के विधायक की भी नहीं सुन रहे डी एम हरदोई

मामला हरदोई जिले के विकासखंड सुरसा के खजुरहरा ग्राम सभा का है जहां पर प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने मिलकर सरकारी योजनाओं का जमकर बंदरबांट कर रखा है, शौचालय सड़क पुलिया निर्माण RCC मे जमकर धांधली हुई है, यही नहीं जो कार्य हुआ ही नही उसका भी पैसा ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान ने मिलकर निकाल लिया हद तो तब हो गई जब स्वच्छता मिशन को लेकर डस्टबिन बाल्टी ग्राम सभाओं में रखी जानी थी उनमें भी जमकर धांधली हुई स्ट्रीट लाइट लगनी थी नहीं लगीं उनमें भी जमकर धांधली हुई यह सारा खेल ग्राम विकास अधिकारी बेख़ौफ़ कर रहा है

जिसको अपने उच्चाधिकारियों का वर्द्धस्त प्राप्त है, खजुरहरा ग्राम सभा एक मिनी असेम्बली ग्राम सभा मानी जाती है इस ग्राम सभा में 28 मजरे हैं यहाँ मिनी विधायक के तौर पर इसका प्रधान जाना जाता है इसलिए डी.पी.आर.ओ से लेकर डी.डी.ओ तक प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर कार्यवाही करने से कतराते हैं, सूत्रों का कहना है ग्राम विकास अधिकारी और प्रधान जिले का हिस्सा भी उनको पहुंचाते हैं इसलिए भ्रष्ट अधिकारी गिरेंद्र वर्मा पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसको लेकर ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला अधिकारी हरदोई से लेकर लखनऊ में भूपेंद्र चौधरी पंचायती राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार *अनिल राजभर प्रभारी मंत्री हरदोई अर्चना पांडेय आबकारी एवं खनन मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग डायरेक्टर लखनऊ से कई माह पूर्व की गई थी जिसकी जांच चल रही है लेकिन कोई कार्यवाही अभी तक नहीं हुई जिसके कारण ग्रामीणों में काफी गुस्सा व नाराज़गी है, ग्राम विकास अधिकारी से लेकर ज़िले के ज़िम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार के दलदल में गले गले तक डूबे हुए हैं, अब हर ग्रामीड के ज़बान पर ये ही सवाल है

कि एक हम्माम में जब सभी नंगे हैं तो कार्रवाई करेगा कौन, ऐसे भृष्ट अधिकारी ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सरकार की छवि को जनता की नज़रों में गिराकर अपनी तिजोरियाँ भरने में लगे है, भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्यवाही ना होना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं जिले के अधिकारी भी लेन-देन में सम्मिलित हैं स्थानीय BJP विधायक और ग्रामीणों की शिकायत पर लखनऊ से 3 कद्दावर मंत्री खुद इस भरष्टाचार की जांच करवा रहे है, सूत्रों की माने तो ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान पैसों के बल पर अभी तक अपने ऊपर कार्यवाही नहीं होने दे रहे हैं ग्रामीणों का कहना है की बीजेपी के विधायक प्रभास कुमार खुद ग्रामविकास अधिकारी के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन ज़िले के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही, गांव में शौचालय बनवाये नहीं गए है लेकिन फर्जी शौचालय आनरेकॉर्ड दिखा कर झूठी वाहवाही लूटने के प्रयास में भ्रष्ट अधिकारी पूरी तरह लगे हुए हैं,

हद तो तब होगई जब विधायक प्रभास कुमार ने DM से शिकायत कर कार्यवाही की बात कही लेकिन D M हरदोई द्वारा भी कोई कार्रवाई नही की गई,और विधायक की शिकायत को D M द्वारा इस कान से सुनकर उस कान से उड़ा दिया गया, इस सरकार में अधिकारी जब जनप्रतिनिधियों की नहीं सुन रहे तो आम जनता का क्या हाल होगा अंदाज़ा इसी बात से लगाया जासकता है।

ग्रामविकास अधिकारी व ज़िले के भ्रष्ट अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है,ग्रामीण अब भ्रष्टाचार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं,उनका कहना है कि जल्द से जल्द अगर D M ने भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कि तो वह बहुत जल्द लखनऊ कूच करेंगे, ग्रामीणों का कहना है कि अब वह अपनी पीड़ा सूबे के ईमानदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर कहेंगे,उनको उम्मीद है कि मुख्यमंत्री उनकी पीड़ा को समझेंगे तथा ज़िले के भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई ज़रूर करेंगे, और उनके गांव के रुके हुए विकास कार्यों को जल्दी पूरा करवाएंगे।