मोहाली का अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम अब बलबीर सिंह सीनियर के नाम से जाना जाएग, छात्रवृत्ति भी की जाएगी शुरू

मोहाली, मोहाली का अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम अब पद्म श्री बलबीर सिंह सीनियर के नाम से जाना जाएगा। मंगलवार को स्टेडियम का नाम बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर कर दिया गया। पंजाब के खेल, युवा सेवाएं और एनआरआइ मामलों संबंधी मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि बलबीर सिंह सीनियर के नाम पर छात्रवृत्ति भी शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में सीनियर का एक बुत लगाया जाएगा जोकि ये दर्शाएगा कि वे फील्ड पर कैसे थे। सवाल के जवाब में खेल मंत्री ने कहा कि स्टेडियम का नाम बदलने में एक साल की देरी इस लिए हुई क्योंकि कोविड में ही सब उलझे रहे। इसके बाद विभाग ने फैसला लिया कि पुण्यतिथि पर स्टेडियम उनके नाम पर कर दिया जाएगा। ध्यान रहे कि बलबीर सिंह सीनियर ने तीन बार ओलम्पिक चैंपियन बनने के लिए भारतीय हॉकी टीम में अहम भूमिका निभाई और आज तक कोई भी उनका ओलम्पिक फाइनल का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सका है।

उन्होंने 1952 की ओलंपिक खेल के फाइनल मैच में पांच गोल दागे। जिसमें भारत ने नीदरलैंड पर 6-1 से जीत दर्ज की। बलबीर सिंह सीनियर 1971 की विश्व कप विजेता भारतीय हॉकी टीम के मैनेजर और मुख्य प्रशिक्षक थे। उन्होंने खेल विभाग, पंजाब के डायरैक्टर के तौर पर सेवाएं निभाईं और नौजवानों को खेल जगत की ओर प्रोत्साहित किया। वहीं खेल मंत्री राणा सोढी ने कहा कि कोविड का माहौल ठीक होने के बाद जहां पर सबसे पहला अंतरराष्ट्रीय हॉकी का मैच करवाया जाएगा। सोढी ने कहा कि पंजाब में हॉकी को ध्यानचंद और बलबीर सीनियर ने जो कुछ दिया है उसे आने वाली पीढ़िया याद रखेगी।

उन्होंने कहा कि सूबे के युवा खिलाड़ियों के लिए नए खेल के मैदान व अन्य खेल गतिविधियों पर सरकार की ओर स पूरी त्वजो दी जा रही है। सोढी ने कहा कि कोविड से निपटने के लिए सरकार की ओर से भरसक प्रयास किए जा रहे है। जिसके बाद हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे है। लेकिन लोग सरकार की गाइडलाइन की पालना करे। इस दौरान स्पोट्र्स विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।