
प्रतापपुर (चतरा), विधाता का विधान भी अजब है। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस परिवार के परिवार और घर के घर साफ कर दे रहा है। चतरा जिले के प्रखंड मुख्यालय प्रतापपुर में पिछले नौ दिनों के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जिंदगियां चली गई। पति-पत्नी और बड़ा भाई कोरोना की जंग हार गए। मौत का क्रम 28 अप्रैल से शुरू हुआ। सेवानिवृत्त शिक्षक सदानंद रजक की पत्नी आशा देवी कोरोना की पहला शिकार हुईं।

परिवार वाले अभी इस गम से उबर भी नहीं पाए थे कि सदानंद रजक के बड़े भाई सेवानिवृत्त शिक्षक सरयू रजक की स्थिति बिगड़ गई और देखते-देखते दो मई को उनका निधन हो गया। उनकी चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि सदानंद रजक को कोरोना के संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया। तबीयत बिगड़ी, तो घर पर प्रारंभिक उपचार शुरू किया गया। लेकिन जब हालात बिगड़ने लगे, तो सदर अस्पताल में लाकर भर्ती कराया गया। यहां गुरुवार की सुबह उनका निधन हो गया है। इस प्रकार 28 अप्रैल से लेकर छह मई के बीच में रजक परिवार के तीन सदस्यों की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई।