झारखंड में होली पर 125 करोड़ की शराब की हुई बिक्री

झारखंड में होली के दिन लोग 125 करोड़ रुपये की शराब गटक गए। शराब की यह बिक्री 27 व 28 मार्च को हुई है। होली के दिन शराब की बिक्री पर प्रतिबंध था। इसके चलते दो दिन पहले से ही लोगों ने शराब की खरीदारी शुरू कर दी थी। अमूमन प्रतिदिन जहां नौ से 10 करोड़ रुपये की शराब बिकती थी, वहीं होली के पूर्व दो दिनों के भीतर 125 करोड़ रुपये की शराब बिक गई। हालांकि, शराब के दुकानदारों ने गत वर्ष की तुलना में बिक्री कम बताया है। दुकानदारों के अनुसार शराब की कीमत बढ़ने से राशि अधिक दिख रही है। दुकानों के पड़े स्टॉक बता रहे हैं कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष शराब की खपत कम रही।

होली व शब-ए-बरात पर पुलिस ने 8047 जगहों पर की कार्रवाई

होली व शब-ए-बरात पर झारखंड में पुलिस एक्शन में रही। रंग में भंग न पड़े, असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था में बाधक न बने, इसे लेकर पुलिस का अभियान जारी रहा। छिटपुट मारपीट की घटनाएं हुई, जहां पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। झारखंड पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में पुलिस ने होली के दिन कुल 8047 जगहों पर कार्रवाई की। इसके तहत कुल 272 लोगों को थाने से बांड भरवाकर छोड़ा गया। प्रदेश में कुल 53 प्राथमिकियां दर्ज की गईं, वहीं छह आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।

पुलिस को अभियान के दौरान लोहरदगा में सबसे ज्यादा अवैध रूप से 743 शराब की बोतलें मिलीं, सरायकेला-खरसांवा में 344 लीटर विदेशी शराब, 1607 लीटर देसी शराब, 52 पुड़‍िया ब्राउन शुगर भी मिला और यहां से 15 व्यक्ति पकड़े भी गए, जिन्हें बांड भरवाकर छोड़ दिया गया। गिरिडीह में एक गोली व तीन खोखा मिला। पुलिस की सर्वाधिक कार्रवाई गिरिडीह में हुई। यहां सबसे ज्यादा 1270 जगहों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, ताकि माहौल न बिगड़े।

इसके अलावा हजारीबाग में 1046, धनबाद में 1015 व रांची में 934 जगहों पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर माहौल को बिगड़ने से बचा लिया। सबसे ज्यादा प्राथमिकियां सरायकेला में 13 व गिरिडीह में 11 दर्ज की गई हैं। इसके अलावा रामगढ़ व बोकारो में होली के दिन छह-छह प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। इसके अलावा रांची में तीन, गुमला में एक, लोहरदगा में दो, पश्चिम सिंहभूम में तीन, पूर्वी सिंहभूम में दो, चतरा में एक, कोडरमा में दो व गोड्डा में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इधर, होली व शब-ए-बरात के मौके पर पुलिसिंग चुस्त रही। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को पहले ही अलर्ट जारी कर दिया था, जिसका फायदा मिला। सभी जिले अलर्ट थे। पुलिस केंद्रों में बल को तैयार हालत में रखा गया था, ताकि कहीं से कोई अप्रिय घटना होने पर तत्काल पुलिस अपना अभियान चला सके। होली को लेकर विधि-व्यवस्था ड्यूटी में जैप व आइआरबी के जवानों को भी लगाया गया था। पुलिस की गश्त तेज थी। अग्निशमन विभाग के जवान व गाड़‍ियां भी तैयार थीं। सभी जवानों-पदाधिकारियों की छुट्टियां रद थीं।