
एक तरफ सरकार और उसके ट्रेड यूनियन के लाेग दिल्ली के कथित किसान आंदाेलन के समर्थन में भारत बंद का समर्थन कर रहे थे और दूसरी तरफ उनकी पुलिस असली किसानाें की फसल राैंद रही थी। किसानाें काे गढ़वा में घसीटा जा रहा था। यह दोगली नीति झारखंड में ही देखी जा सकती है। इस घटना से किसान हितैषी का ढिंढाेरा पीटने वाले उजागर हुए हैं। हेमंत सरकार की असलियत सबके सामने आ गई है।

राज्य में अंधेर नगरी, चाैपट राजा वाली कहावत चरितार्थ हाे रही है। यह कहना है झारखंड प्रदेश भारतीय जनता पार्टी किसान माेर्चा के अध्यक्ष पवन साहू का। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी झामुमो विधायक सीता सोरेन ने भी ट्वीट कर गढ़वा की घटना की निंदा की है। हालांकि सोरेन ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश देने के लिए मुख्यमंत्री की प्रशंसा भी की है।
होली के बाद गढ़वा घटना के विरोध में भाजपा करेगी आंदोलन
साहू ने कहा कि गढ़वा और बरकागांव में किसानाें के उत्पीड़न पर किसान माेर्चा काफी गंभीर है। हम इस मामले में जाेरदार आंदाेलन हाेली के बाद करेंगे। बरकागांव में भी एनटीपीसी ने किसानाें की फसल राैंद दी थी। वह भी तब जब कि फसल पक चुकी थी और किसान उसे काटने वाले थे। तत्काल वहां काेई परियाेजना भी शुरू नहीं हाेने वाला था। किसानाें ने ज्ञापन भी दिया था लेकिन प्रबंधन व पुलिस नहीं मानी। किसानाें काे काेई मुआवजा भी नहीं दिया गया। यही हाल गढ़वा में देखने काे मिला। किसान की फसल कटने काे तैयार थी। ऐसे में पुलिस ने फसल राैंद दी और किसानाें के साथ मारपीट की। हमारी स्थानीय इकाई इस पर आंदाेलन कर रही है। हम भी इस मुद्दे काे राज्य स्तर पर उठाएंगे और जब तक किसानाें काे मुआवजा नहीं मिल जाता आंदाेलन करेंगे।
विपक्ष की दोगली राजनीति नहीं चलेगी
साहू ने कहा है कि राजधानी रांची में सरकारी जमीन की लूट के खिलाफ कार्रवाई नहीं हाेती, केंद्रीय विश्वविद्यालय और विधानसभा के लिए चिह्नित जमीन पर इस सरकार के लाेग हल बैल लेकर विराेध जताते हैं तब सरकारी जमीन नहीं दिखती और गरीब किसान पर सरकार बल प्रयाेग कर रही है। यह दाेगली नीति नहीं चलने दिया जाएगा। गढ़वा घटना के तुरंत बाद भाजपा ने इस मुद्दे को लपक लिया। किसान आंदोलन के कारण लगातार विपक्ष के हमले का सामना कर रही भाजपा को गढ़वा की घटना ने पलटवार के लिए हथियार थमा दिया है। झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने घटना का वीडियो ट्विटर पर अपलोड कर लिखा-झारखंड सरकार का ये ह असली किसान प्रेम!