
संयुक्त किसान मोर्चा एवं केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच द्वारा तीन कृषि कानूनों, चार लेवरकोड और बिजली संशोधन विधेयक 2021 के खिलाफ घोषित भारत बंद की शुरुआत राजधानी रांची में हो गई है। हालांकि रांची में भारत बंद का असर नजर नहीं आ रहा है। सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है। रांची जिला प्रशासन में पुनदाग स्थित धरना प्रदर्शन स्थल को छोड़कर पूरे शहर में सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसमें 5 या उससे अधिक लोगों के साथ एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। पूरे शहर में कहीं भी धरना प्रदर्शन अथवा जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई। राज्य के अधिकांश जिलों में बंद का कोई असर नहीं है। आम दिनों की तरह बाजार की दुकानें खुली हैं। यात्री बसों से लेकर मालवाहक वाहनों का परिचालन निर्बाध रूप से जारी है। सुबह के समय लाल झंडा के साथ कुछ लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन जरूर किया था। लेकिन बंद का कोई असर नहीं है

वाम संगठनों ने निकाला जुलूस, केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
धारा 144 लागू होने के बाद भी संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद के समर्थन में राजधानी रांची में प्रदर्शन किया गया। दोपहर करीब 11 बजे वामदलों और ट्रेड यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बंद के समर्थन में अल्बर्ट एक्का चौक पर जुलूस निकाल कर सड़क जाम किया। प्रदर्शनकारियों की ओर से दावा किया गया कि बंद को आम जनता का भारी समर्थन प्राप्त हुआ है। रांची में त्योहारों और कोरोना के प्रसार के चलते 12 घंटे के बंद की अवधि को 6 घंटे कर दिया गया था। वामदलों ने बंद को सफल बनाने के लिए झारखंड की जनता को बधाई दी है।
चतरा में किसान संगठनों के राष्ट्र व्यापी बंदी का कोई असर नहीं है। वाहनों का परिचालन और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सामान्य दिनों की तरह खुले हुए हैं।
आंदोलन को विभिन्न संगठनों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। हालांकि झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स ने खुद को आंदोलन से अलग रखा है। आंदोलन को सफल बनाने के लिए एक दिन पूर्व से ही व्यापक तैयारियां की गई है। भारत बंद में जनता का समर्थन जुटाने के लिए दुकान मालिकों,परिवहन संगठनों सहित सभी वर्गों के लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। आंदोलनकारियों की ओर से आग्रह किया गया है कि सभी लोग अपनी दुकानें बंद रखें। वाहन लेकर सड़कों पर नहीं उतरें। आंदोलनकारियों ने बंद को पूरी तरह शान्ति रखने का आह्वान किया है। आवश्यक सेवाओं चिकित्सा, शादी आदि को बंद से मुक्त रखा गया है।
झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति राज्य संयोज सुफल महतो ने बताया कि आंदोलन को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। बंद के दौरान भी पूरे देश के किसानों के साथ झारखंड और रांची का किसान खड़ा है। उन्होंने इस आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि यह लड़ाई किसी वर्ग विशेष की नहीं बल्कि सभी भारतीयों की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन में व्यापारिक संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। जनता से अपील की जा रही है कि वह आंदोलन में शामिल होकर इसे ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं। पूर्व के आंदोलन में लगातार जन सहयोग मिलता रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि आगे भी यह सहयोग जारी रहेगा।
किसान संगठनों ने दिल्ली में किए जा रहे आंदोलन के चार महीने पूरे होने पर आज भारत बंद का आह्वान किया है। मुख्य तौर पर बंद के दौरान सड़कों पर आवाजाही ठप करने की तैयारी है। हालांकि लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के बीच सरकार की ओर से तमाम एहतियाती उपाय किए गए हैं। जबरन बंद कराने वालों को चेतावनी दी गई है। पांच से अधिक लोगों को एक साथ नहीं चलने की सख्त ताकीद की गई है।
किसान संगठनों की ओर से बुलाए गए बंद में ट्रेड यूनियन समेत कई संगठन भागीदार हैं। भारत बंद के चलते झारखंड में पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में है। कोल सेक्टर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। एहतियात के तौर पर चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। रांची में आज सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक निषेधाज्ञा लागू है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से शुक्रवार को घोषित देशव्यापी बंद को लेकर रांची जिला प्रशासन की ओर नए सिरे से गाइड लाइन जारी की गई है। कोविड-19 से संक्रमण को देखते हुए किसी भी प्रकार की रैली अथवा जुलूस को प्रतिबंधित किया गया है।
बंद के दौरान बंद समर्थकों द्वारा यातायात व्यवस्था बाधित करने के साथ-साथ सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, पेट्रोल एवं डीजल पंप, दुकानों, वाहनों आदि को क्षति पहुंचाने और इससे लोक परिशांति भंग होने एवं विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। इसे देखते हुए रांची सदर अनुमंडल क्षेत्र में निषेधाज्ञा जारी की गई है। निषेधाज्ञा प्रातः 05: 00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक प्रभावी रहेगा
इस दौरान अगर कोई शांतिपूर्ण धरना चाहते हैं तो जगन्नाथपुर मंदिर से पुनदाग रोड स्थित साईं मंदिर के पीछे मैदान में ही, विधिवत सूचना देते हुए धरना दे सकते हैं। वहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप सकते हैं। इस जगह को छोड़ पूरे रांची क्षेत्राधिकार में निषेधाज्ञा जारी रहेगा।
इन पर रहेगी रोक
- सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को छोड़कर 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना, रोड पर निकलने या चलने पर रोक रहेगी।
- सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों व कर्मचारियों को छोड़कर किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र जैसे बंदूक, राइफल रिवॉलवर, बम, बारूद आदि लेकर रोड पर निकलने या चलने पर रोक होगी।
- सरकारी कार्य में लगे कर्मचारियों पदाधिकारियों को छोड़कर किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार पर रोक होगी।
- सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों व कर्मचारियों को छोड़कर किसी प्रकार का हरवे-हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलने पर रोक होगी।
भारत बंद की संध्या पर निकला मशाल जुलूस
कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों के संयुक्त मोर्चा द्वारा आहूत भारत बंद की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राजधानी रांची में मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस में माले, भाकपा, माकपा, आइसा समेत विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। व्यवसायिक संगठनों और होली के मद्देनजर बंद को कल 12:00 बजे तक दिन ही रहेगा।
इसी के कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आज मशाल जुलूस निकालकर रांची के विभिन्न व्यवसाय आम नागरिकों से 2 घंटे के बंद को सफल बनाने का आह्वान किया। मशाल जुलूस कार्यक्रम में माले के भुनेश्वर केवट, आइसा के सोहेल अंसारी, अरुण कुमार, इंकलाबी नौजवान सभा के अकाश रंजन, माकपा के सुखनाथ लोहरा, भाकपा के अजय सिंह, मिंटू पासवान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में मशाल लेकर बंद को सफल बनाने का आह्वान किया।