छत्तीसगढ़: राज्य सरकार को पत्र मिलने के बाद कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की दी अनुमति

सोमवार से रायपुर (छत्तीसगढ़) के जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में कोवैक्सीन टीकाकरण की शुरुआत हो गई. रायपुर के शंकर नगर निवासी 71 वर्षीय कौशल परसाई को दोपहर करीब 2 बजकर 40 मिनट पर वैक्सीन का डोज दिया गया. वहीं, पहले दिन 80 लोगों को वैक्सीन का पहला डोज दिया गया.

केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ में दो खेप में 72 हजार कोवैक्सीन भेजा गया था. हालांकि, इसके तीसरे चरण का परीक्षण पूरा ना होने की वजह से स्वास्थ्य मंत्री ने इसके इमरजेंसी इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी. हालांकि, केंद्र की ओर से तीसरे चरण का सफल परीक्षण होने की राज्य को जानकारी दी गई. राज्य सरकार को इस संबंध में पत्र मिलने के बाद वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है.

पहले दिन 80 लोगों को लगाई गई वैक्सीन 

वैक्सीन लगाने की मुहिम की शुरुआत होने के बाद पहले दिन 80 लोगों को कोवैक्सीन का पहला डोज दिया गया. सभी की सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया. हालांकि, वैक्सीन का डोज लेने के कुछ घंटे बाद तक किसी में इसका साइडइफेक्ट देखने को नहीं मिला. वैक्सीन का पहला डोज लगाने वाले लोगों को 28 दिन के बाद दूसरा डोज दिया जाएगा. साथ ही सभी को जरूरी सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है, जिससे आगे चलकर उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े.

राज्य टीकाकरण अधिकारी ने दी अहम जानकारी 

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ अमर सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविशिल्ड और कोवैक्सिन दोनों ही वैक्सीन प्रभावी हैं और इसका अबतक कोई साइडइफेक्ट देखने को नहीं मिला है. उन्होंने बताया कि दोनों ही वैक्सीन में कोई अंतर नहीं है और दोनों पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिन्हें कोविशिल्ड वैक्सीन का पहला डोज दिया गया है, उन्हें दूसरा डोज भी इसी वैक्सीन का दिया जाएगा, ताकि बाद में किसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना ना करना पड़े.