रायपुर में कर्जदार को बुलाकर गुर्गों ने कार में तोड़फोड़ कर की बेदम पिटाई, मामला दर्ज

राजधानी रायपुर में फाइनेंस कंपनियों के वसूली एजेंट अब अपनी गुंडागर्दी पर उतर चुके हैं। मामला तेलीबांधा पुलिस थाना क्षेत्र का है। स्काई गार्डन अवंति विहार निवासी विपुल सिंह ठाकुर को बात करने के बहाने बुलाकर वसूली एजेंट शाहिद अली और दानिश खान ने तेलीबांधा ओवर ब्रिज के नीचे विपुल व उसके भाई राहुल की बेदम पिटाई कर दी और कार में भी तोड़फोड़ की।

पुलिस ने पीड़ित विपुल की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एक्सटॉर्शन (अवैध वसूली) सहित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। इन दिनों राजधानी के फाइनेंस कंपनियों ने कर्जदारों से वसूली के लिए इसी प्रकार के गुर्गे पाल रखे हैं, जो समय पर पैसा नहीं दे पाने पर घर घुसकर मारपीट, गाली-गलौच सहित जान से मारने की धमकी भी देते हैं।

परंतु पीड़ितों द्वारा पुलिस में शिकायत नहीं करने के कारण रायपुर पुलिस भी इन गुंडों पर शिकंजा नहीं कस पाती है। हालांकि, इस मामले में पीड़ित विपुल सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है

गुंडागर्दी कर पैसा वसूलना गैरकानूनी, अगर कर्जदार पैसा ना दे तो सूट फाइल करें

इस मामले में शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर श्रीवास्तव से बात की, तो उन्होंने कहा कि फाइनेंस कंपनियों के वसूली एजेंट द्वारा इस प्रकार का कृत्य पूर्णतः गैरकानूनी है। अगर कर्जदार पैसा नहीं दे रहा है, तो कंपनी को न्यायालय में रिकवरी सूट फाइल करना चाहिए, परंतु इसमें लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी से बचने के लिए फाइनेंस कंपनी गुर्गे पाल रही है। पैसा सिविल प्रकरण से भी वसूला जा सकता है, उन्हें मारपीट का अधिकार नहीं है।