
उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होने वाला विधान मंडल का बजट सत्र हंगामेदार होगा। कानून व्यवस्था, महंगाई, कोरोना संकट में बढ़ा भ्रष्टाचार, गन्ना मूल्य भुगतान न होने व किसानों के विभिन्न मुद्दे आदि लेकर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी की तैयारी तेज कर दी है। बहुजन समाज पार्टी ने बुधवार को शाम सात बजे पार्टी मुख्यालय में विधायकों की बैठक आहूत की है। वहीं, समाजवादी विधायक 18 फरवरी को सुबह नौ बजे पार्टी मुख्यालय में एकत्रित होंगे और साइकिलों से विधान भवन की ओर कूच करेंगे। कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक भी 18 को सुबह दस बजे होगी। मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ की मौजूदगी में सर्वदलीय बैठक बुधवार शाम को होगी, जिसमें सत्र संचालन कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा।

विधानसभा चुनाव से पूर्व योगी सरकार का अंतिम आम बजट होने के कारण जहां सत्ता पक्ष की ओर से जनता को लुभाने की तमाम कोशिशें होंगी। वहीं विपक्ष की ओर से सरकार को घेरने की हरसंभव प्रयास किया जाएगा। ध्वस्त कानून व्यवस्था, कोरोना संक्रमण काल में भ्रष्टाचार, विकास ठप होने व बढ़ती महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों के अलावा कृषि कानूनों को लेकर जारी आंदोलन की तपिश भी सदन में दिखेगी। नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी का कहना है कि हर मोर्चे पर फेल साबित हुई सरकार को सदन के भीतर और बाहर भी आईना दिखाया जाएगा। सरकार की नाकामियों से जनता में ही नहीं सत्ता पक्ष में भी भारी असंतोष है।
बहुजन समाज पार्टी के दलनेता लालजी वर्मा का कहना है कि जन अपेक्षाओं पर नाकाम रही सरकार अब जनता का ध्यान बांटने की कोशिश कर रही है। बसपा लोकतांत्रिक तरीकों से सरकार की विफलताएं उजागर करेगी। विधान परिषद में कांग्रेस दलनेता दीपक सिंह का कहना है कि फ्लाप सरकार की विफलताओं को सदन के भीतर व सड़क पर मजबूती से उठाया जाएगा।
सर्वदलीय बैठक आज : बजट सत्र को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आादित्यनाथ की मौजूदगी में सर्वदलीय बैठक 17 फरवरी को आहूत की गई है। इसी दिन कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी होगी, जिसमें विधानसभा सत्र संचालन कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने बताया कि सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हो गई है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के सभी कर्मियों की कोरोना जांच करा दी गई है। विधायकों की कोरोना जांच जारी है। सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए सभी कर्मियों की भी कोरोना जांच कराई जाएगी। मीडिया कर्मियों के लिए इस बार भी तिलक हाल में बैठने की व्यवस्था की गई है। सदस्यों को विधान भवन में आने-जाने के लिए निर्बाध व सुविधाजनक व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। विधानसभा के गेट पर सदस्यों और मीडिया कर्मियों के वाहनों की जांच व थर्मल स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
विधायकों को पीना होगा काढ़ा : कोरोना संक्रमण के बचाव उपायों का सख्ती से पालन किया जाएगा। प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे का कहना है कि सदन के भीतर सदस्यों के बैठने की व्यवस्था सुरक्षित शारीरिक दूरी को ध्यान में रखकर की जाएगी। दर्शक दीर्घा में भी विधायकों को बैठना होगा। कोविड टेस्ट विधानसभा कर्मियों व अधिकारियों के साथ विधायकों के लिए अनिवार्य किया गया है। मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग भी करना होगा। विधानभवन की कैंटीन में विधायकों के लिए चाय, काफी के साथ काढ़ा पीने की व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम तक कराए गए सभी कोविड टेस्ट नगेटिव निकलें।
पेपरलेस बजट की तैयारी : केंद्र सरकार की तरह प्रदेश में भी पेपरलेस बजट प्रस्तुत करने की तैयारी है। प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ दोनों सदनों के सदस्यों को आइपैड-टेबलेट का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बजट को पटल पर रखने के साथ वेबसाइड पर डाउनलोड कर दिया जााएगा।