दुबई के सर्वर से चलता था पंजाब में कैसिनो का नेटवर्क, इतने कराेड़ पहुंचा लेनदेन का रिकार्ड

पंजाब के बनूड़ के एक होटल में गोवा की तर्ज पर चल रहे कैसिनो का सर्वर दुबई से आपरेट किया जाता था। आनलाइन जुड़ने वाले ग्राहकों के लिए आइडी व मास्टर पासवर्ड लाने के लिए गिरोह के कुछ सदस्य दुबई जाते थे। आरोपित दीपक कुमार अपने साथियों के साथ दुबई जाकर यह सब कुछ लाता था, जिसके बाद आइडी और मास्टर पासवर्ड ग्राहकों को अलाट कर दिए जाते थे।

सूत्रों के अनुसार आरोपितों से जारी पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि पिछले लंबे समय से यह गिरोह आनलाइन बेटिंग करवा रहा था, जिसके लिए हर दो महीने बाद ही होटल बदल देते थे। बनूड़ वाला होटल भी करीब दो महीने पहले ही किराये पर लिया गया था, जहां से यह लोग आनलाइन बेटिंग करवा रहे थे। जुए में शामिल होने वाले व्यक्ति के पास जान-पहचान का पुराना ग्राहक होना जरूरी था।

मंगलवार को हुई पूछताछ में पुलिस के पास से उक्त खुलासा हुआ है। आर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) के एसपी जसकीरत सिंह मंगलवार को भी दिन भर गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ करते रहे और पूछताछ देर रात तक जारी रही। पकड़ी गई लड़कियां पंजाब, नगालैंड व नेपाल की हैं। जिनकी उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच है। इन लड़कियों को सप्लाई करने वाले की तलाश में पुलिस की टीम छापामारी कर रही है।

रोजाना हो रहा था डेढ़ से दो करोड़ का लेन-देन

बनूड़ होटल में कैसीनो का यह खेल करीब दो महीने से चल रहा था जबकि इससे पहले भी अन्य जगह पर यह कैसिनों चलता रहा है। पुलिस टीम को मौके पर बरामद रजिस्टर से चेक करने पर रोजाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक के लेनदेन का रिकार्ड मिला है। अभी तक पुलिस जांच में करीब एक अरब के लेनदेन होने की आशंका जताई जा रही है।

यह आरोपित जुआ खेलने आने वालों के साथ कैश के लेन देन को रजिस्टर में दर्ज करते थे, जिसके बाद एक टीम जाकर हारने वाले से वसूली करती थी। रिकार्ड में जुए में दस लाख रुपये से लेकर बीस लाख रुपये हारने वाले व्यक्ति का रिकार्ड तक मौजूद है। सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए 76 लोगों में शामिल कांग्रेस नेताओं ने पूछताछ में दावा किया है कि वह होटल में सिर्फ जुआ खेलने के लिए आए थे, उनके दावों की पुलिस पड़ताल कर रही है।

जल्द जारी करेंगे एलओसी : एसपी

ओकू के एसपी जसकीरत सिंह ने कहा कि बनूड़ मामले में वह लगातार जांच में जुटे हुए हैं। दुबई में सर्वर व पासवर्ड लेने गए आरोपितों के वापस लौटने का इंतजार किया जा रहा है। इन आरोपितों का पासपोर्ट व पता आदि की डिटेल ली जा रही है। जिसके बाद लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करेंगे। दुबई से आरोपित के न लौटने पर वहां की पुलिस से भी तालमेल किया जाएगा, इसके अलावा अभी किसी के खिलाफ एलओसी जारी नहीं हुआ है। गिरोह के लोग आनलाइन भी काम करते थे, जिनके पास से रोजाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये का लेनदेन होने का रिकार्ड मिला है।