ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना पहली प्राथमिकता: स्‍वास्‍थ्‍य सचिव केके सोन

झारखंड के नव पदस्थापित स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए वे शीघ्र ही सुदूर क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेंगे। स्वास्थ सचिव ने शनिवार को मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि अभी वे स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डरों से इनपुट ले रहे हैं। इसके बाद सामने आनेवाली समस्याओं तथा सुझावों पर संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनका समाधान कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उनकी कोशिश राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल रिम्स की बेहतरी की होगी। इसके लिए वे शनिवार को ही वहां के चिकित्सकों के साथ भी परामर्श करेंगे। उनकी कोशिश होगी कि गंभीर बीमारियों की स्थिति में अर्थात रेफर किए गए मामले में ही रिम्स में इलाज की जरूरत पड़े। सामान्य बीमारियों का इलाज जिला स्तर पर ही सुनिश्चित किए जाने का प्रयास होगा।

उन्होंने बनकर तैयार तथा बेकार पड़े लगभग 600 स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक मानव संसाधन बहाल कर तथा अन्य आधारभूत संरचना विकसित कर उन्हें इसी साल चालू कराने की बात कही। इस क्रम में स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य में सुधार को लेकर मीडिया कर्मियों से सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लोगों की सेहत के मामले में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करेगा। अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों के साथ चिकित्सा कर्मी संवेदनशीलता के साथ इलाज करें, इसे सुनिश्चित कराया जाएगा।

कोविड के प्रभाव का कराएंगे अध्ययन

राज्य में किसी कोरोना मरीज के संक्रमण मुक्त होने के बाद उनके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ा है, इसका अध्ययन कराया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि संक्रमणमुक्त हो चुके मरीजों को रैंडम फोनकर उनसे फीडबैक लिए जा सकते हैं। इससे कोरोना के प्रभाव का भी पता चलेगा तथा किसी व्यक्ति में अन्य स्वास्थ्य परेशानी होने पर इलाज भी हो सकेगा।