किसान आंदोलन में पकड़ा गया संदिग्‍ध, हिंसा फैलानी की थी साजिश

सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसाना आंदोलन में किसानों ने एक संदिग्ध को पकड़ा है, जिस पर आंदोलन खराब करने का आरोप लग रहा है। संदिग्ध को पकड़ने के बाद किसानों ने मीडिया के सामने पेश किया, जिसमें उसने दावा किया है कि वो 4 किसान नेताओं को मारने आया था।

संदिग्ध ने कबूल किया है कि उसे इस काम के लिए हथियार मिले थे, जिनका इस्तेमाल 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के को दौरान होना था। संदिग्ध ने बताया कि जैसे ही किसान 26 तारीख को आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे, अगर नहीं रुकते तो उस संदिग्ध के साथी पीछे से गोली चला देंगे। पकड़े गए शख्स ने बताया कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने की करीब 60 लोग शामिल हैं। फिलहाल संदिग्ध को दिल्ली को हवाले किया है, अब पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।

सिंघू बॉर्डर पर देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेताओं ने इस संदिग्‍ध को पेश किया, जिसने दावा किया कि ट्रैक्टर रैली के दौरान उनकी टीम के सदस्यों को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों और भीड़ पर लाठीचार्ज करने के लिए कहा गया था। उसने कहा, “हमने 26 जनवरी की रैली के दौरान किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की योजना बनाई थी और अगर वे नहीं रुके, तो हमने पहले हवा में फायर करने की योजना बनाई थी और फिर हमारे अन्य साथियों को पीछे से फायर करना था ताकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी सोचें किसान उन पर गोलियां चला रहे हैं।

‘पैसे के लिए कर रहे थे काम’

उन्होंने आगे दावा किया कि दो महिलाओं सहित 10 लोगों की एक टीम को यह काम सौंपा गया है। उसने दावा किया कि उन्हें चार लोगों की फोटो दी गई थी, जिन्हें गोली मारनी थी और जिस व्यक्ति ने उन्हें यह काम सौंपा था, वह एक पुलिस वाला है।

उसने आगे अनुरोध किया कि उनके परिवारों को इस बारे में सूचित नहीं किया जाना चाहिए और दावा किया कि उन्हें हमले को अंजाम देने के लिए प्रत्येक को 10,000 रुपये दिए गए थे।

‘हरियाणा के सीएम की करनाल रैली में भी किया था लाठीचार्ज’

किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने आरोप लगाया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। बाद में पुलिस को सौंप दिए गए संदिग्‍ध व्यक्ति ने दावा किया कि हमले को अंजाम देने वाले पुरुषों को जूते, पगड़ी और जींस पहना जाएगा, जबकि शेष को पुलिस की वर्दी पहनाई जाएगी।

उन्होंने कहा, “आंदोलन के दौरान हमारी एकमात्र भूमिका पुलिस की वर्दी पहनना और लाठीचार्ज करना था। हम पिछले दो दिनों से सक्रिय थे। हमने हाल ही में करनाल में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर की रैली में लाठीचार्ज का भी सहारा लिया।”