
कोरोना वायरस संक्रमण काल में अभिभावक और बच्चों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार फीस के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिससे तंग होकर अभिभावकों ने राजधानी में प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे अभिभावकों ने कलेक्टर से मिलने के लिए अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। इससे नाराज होकर अभिभावकों को ने घड़ी चौक पर ही हंगामा और प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। घंटों हंगामा होता रहा। पुलिस से धक्का-मुक्की होती रही। महिलाएं और बच्चे भी धक्का-मुक्की की चपेट में आए।
छात्र पालक संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष नजरुल खान ने बताया कि फीस के नाम पर अभिभावक और उनके बच्चों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अभिवावकांे की मांग है कि केवल 30% ट्यूशन फीस ही स्कूल प्रबंधन की ओर लिया जाए। अभिभावकों का कहना है कि आनलाइन पढ़ाई सभी बच्चों के लिए नहीं हो पा रही है।निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान है। कोरोना वायरस संक्रमण काल में पहले से ही अभिभावकों की कमर टूट चुकी है। भारी फीस देने में अभिभावक पूरी तरह से असमर्थ हैं। इसके बाद भी सरकार फीस कम करने के लिए कोई ध्यान नहीं दे रही है।
वहीं, पालकों का आरोप है कि पिछले तीन माह से कलेक्टर से मुलाकात करने के लिए समय मांग रहे हैं। लेकिन प्रशासन ध्यान ही नहीं दे रहा है। शुक्रवार को मुलाकात के लिए आश्वासन दिया गया था। बावजूद मुलाकात नहीं हो सकी। इससे आक्रोश बढ़ गया। पालक सड़क पर ही बैठ गए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कोशिश की। पुलिस बल कम होने से प्रदर्शनकारी भारी पड़ने लगे थे। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। हंगामा बढ़ते देख और पुलिस कर्मी बुलाए गए। इसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हुई। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। किसी तरह मामले को शांत किया जा सका।