भाजपा प्रदेश प्रभारी का छत्‍तीसगढ़ प्रदेश प्रवास किया रद्द, कांग्रेस बोली नाराजगी के कारण नहीं आईं

छत्‍तीसगढ़ में भाजपा शुक्रवार को सभी जिलों में प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रही है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्‍वरी भी आने वाली थीं, लेकिन एन वक्त पर उनका दौरा रद हो गया। इसको लेकर प्रदेश में राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि पुरंदेश्‍वरी छत्‍तीसगढ़ भाजपा नेतृत्‍व से नाराज है। इसी वजह से वे नहीं आईं।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के कुछ नेताओं से जानकारी मिली है कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ के रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल जी जैसे भाजपा नेताओं से बहुत नाराज हैं, जब उन्हें छत्तीसगढ़ में इन भाजपा नेताओं ने पता लगाकर उनको गुमराह किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को पता चल गया है कि छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने 20 साल में सबसे ज्यादा धान खरीद कर आज ही रिकार्ड बनाया है। शीर्ष नेतृत्व को यह पता चल गया है कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था बहुत बेहतर है तब तो इतनी अच्छी खरीद हुई है। पुरंदेश्वरी को गलत जानकारी देने वाले और गुमराह करने वाले भाजपा नेताओं की अपनी पार्टी में स्थिति और खराब होगी। यह भी जानकारी मिली है कि इन नेताओं से नाराजगी के चलते ही डी पुरंदेश्वरी जी ने आज का दौरा निरस्त किया है।

त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा नेता दूबर पर दो आषाढ़ की स्थिति में आ गई है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों किसान विरोधी काले कानूनों के कारण पूरे देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी किसानों में भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ गुस्सा उमड़ रहा है। छत्तीसगढ़ में किसानों को सही दाम सही खरीद सही व्यवस्था मुहैया कराने वाले कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन से भाजपा से किसान और नाराज हुए है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की स्थिति लगातार खराब हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष त्रिवेदी ने कहा है कि उनको भाजपा के कुछ नेताओं ने जानकारी दी है। पुरंदेश्वरी को जब पता चला कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार की सरकारी धान खरीद में अपना धान बेच दिया है और मोदी के किसान विरोधी कानूनों को नकारा है तो पुरंदेश्वरी इससे भी सख्त नाराज हुई। उन्‍होंने कहा है कि आज के धान खरीदी पर भाजपा के आंदोलन में वही नेता भाग ले रहे हैं, जिन्होंने अपना धान छत्तीसगढ़ सरकार के धान खरीदी केंद्रों में बेचा है। यह भाजपा का दोहरा चरित्र है।

दरअसल भाजपा किसान विरोधी राजनीति कर रही है। किसानों की सरकार के खिलाफ किसान विरोधी भाजपा का आंदोलन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने लगातार तीसरे साल धान खरीदी का रिकार्ड तोड़ा है। ज्यादा किसानों का धान खरीदा है, ज्यादा रकबे का धान खरीदा है, ज्यादा धान खरीदा है। 80 लाख टन, 83 लाख टन और इस साल अभी तक 84 लाख टन जबकि अभी खरीदी का समय बाकी है।

जितना धान रमन सिंह जी पांच साल के कार्यकाल में खरीदते थे तीन साल के कार्यकाल में ही उतना धान खरीदकर कांग्रेस सरकार ने किसान समर्थक रवैया स्पष्ट कर दिया। त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के भाजपा नेतृत्व से नाराजगी के चलते डी. पुरंदेश्वरी ने आज की छत्तीसगढ़ प्रवास निरस्त किया। छत्तीसगढ़ राज्य में 20 साल में धान खरीदी का नया रिकार्ड बना। भाजपा को केन्द्र में भी और छत्तीसगढ़ में भी अपनी किसान विरोधी सोच को बदलने की जरूरत है।