छत्तीसगढ़: राजनांदगांव में 10 दिनों में खरीदना है 20 फीसद किसानों का धान

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए प्रशासन के पास मात्र 10 दिनों का समय बाकी रह गया है। प्रशासन का दावा है कि 80 प्रतिशत किसानों का धान खरीदा जा चुका है। बाकी केवल 20 प्रतिशत ही हैं। हर दिन ौसतन दो हजार किसानों का धान खरीदना होगा। ऐसे में कही कोई गड़बड़ी न हो, कलेक्टर ने मैदानी अफसरों को सजग रहने कहा है। मंगलवार को साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कहा कि जिन धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने वाले किसानों की संख्या अधिक है, वहां बचे हुए दिन के अनुपात में टोकन जारी किया जाए। उन्होंने धान खरीदी केंद्र में धान का उठाव करने के निर्देश दिए। जिससे धान खरीदी के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध रहे।

बताया गया कि जिले के अधिकांश धान खरीदी केंद्रों में 80 प्रतिशत से अधिक धान की खरीदी हो गई है। इन सभी केंद्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत है। धान विक्रय के लिए बचे हुए शेष दिनों में सभी किसानों का धान खरीदा जाए। ऐसे धान खरीदी केंद्र जहां धान खरीदी पूरा हो गया है, वहां उपलब्ध बारदाना और हमाल अन्य केंद्रों में शिफ्ट करें। शेष दिनों में किसानों का पूरा धान की खरीदी की जाए। ताकि किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

टीकाकरण के लिए जागरूकता पर जोर

कलेक्टर ने कहा कि जिले के चार केंद्रों में कोरोना वैक्सीन लगाया जा रहा है। सभी अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले कोरोना टीका लगाए तथा लोगों को इसके प्रति जागरूक करें। वहीं कोरोना सेम्पलिंग भी लगातार करने के निर्देश दिए हैं। सभी प्राथमिक कांटेक्ट वाले लोगों का सेम्पल लेकर जांच करें। कलेक्टर वर्मा ने पंचायतों के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जनपद सीईओ पंचायतों में मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य प्रारंभ करें। जिससे मनरेगा के तहत अनेक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। सभी तकनीकी सहायक को प्रत्येक पंचायत में कार्य प्रारंभ करके मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा प्रत्यके दिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

रखरखाव पर विशेष ध्यानदेने कहा

बैठक में गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कहा गया कि सभी गौठानों में गोबर की खरीदी लगातार चलनी चाहिए। गौठानों में पशुपालकों द्वारा गोबर विक्रय किया जा रहा है। इसकी एंट्री एप में होनी चाहिए। जिससे भुगतान के समय परेशानी नहीं हो। गौठानों में निर्मित वर्मी कंपोस्ट की जानकारी लेते हुए इसके विक्रय के लिए योजना बनाएं तथा वर्मी कंपोस्ट के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना देश की अपनी तरह की पहली महत्वपूर्ण योजना है। इसका क्रियान्वयन सही ढंग से होना चाहिए। उन्होंने आकांक्षी जिले के संकेतकों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके संकेतकों से जुड़े हुए विभाग डाटा एण्ट्री समय पर करें। उन्होंने वनधन केंद्र भवन निर्माण की जानकारी लेते हुए कहा कि इन केंद्रों में महिलाओं द्वारा वन उत्पाद के प्रोसेसिंग का कार्य प्रारंभ किया जाए तथा उत्पादित वस्तुओं का मार्केटिंग पर विशेष ध्यान दें। वनधन केंद्र के प्रोडक्ट की जानकारी ट्राई फेड को उपलब्ध कराएं। जिससे राष्ट्रीय स्तर पर भी यहां के उत्पादों को मार्केट मिल सकें।

अवैध प्लाटिंग पर नाराजगी

बैठक में कलेक्टर ने अवैध प्लाटिंग की शिकायतों पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अवैध प्लाटिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने कहा। साथ हीलंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने राजस्व वसूली, पंचायतों में दुकानों के आबंटन, शासकीय जमीन आबंटन, नजूल में ऑनलाईन एंट्री, वन अधिकार पत्रों का पुर्नविलोकन, सामुदायिक वन अधिकार पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन पत्र, राजस्व ग्राम के सर्वे की प्रगति, फसल बीमा वितरण सहित अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और निराकरण करने के निर्देश दिए।