आईआईटी कानपुर ने दिमाग की पढ़ाई के लिए, लांच किया ये बेहतरीन कोर्स, जानें क्या है डिटेल

IIT कानपुर। IIT कानपुर ने संज्ञानात्मक विज्ञान का एक नया विभाग शुरू किया है। आईआईटी के सभी संस्थानों में से आईआईटी कानपुर पहला ऐसा संस्थान होगा जो संज्ञानात्मक विज्ञान का पूरी तरह से विकसित विभाग होगा। आपको बता दें इस कोर्स का उद्देश्य मानव मन की धारणा और प्रक्रियाओं की जटिलता को समझने, इस कोर्स का मुख्य उदेश है दिमाग को अनुकूल बनाने के साथ भविष्य टेक्नोलॉजी को विकसित करना है।

कोर्स के लॉक करने के बारे में आईआईटी कानपुर ने कहा कि यह पहल पारंपरिक भारतीय ज्ञान और भविष्य की तकनीक के साथ मानव मन की समझ के मानचित्रण में एक लंबा रास्ता तय करेगी।

Cognitive Science विभाग आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस , बिज़नेस , डाटा एनालिसिस , गवर्नमेंट इंटेलिजेंस , हैल्थकारे, ह्यूमन परफॉरमेंस , इनफार्मेशन प्रोसेसिंग , लॉ , मार्केटिंग , प्रोडक्ट डिज़ाइ और नसॉफ्टवेयर डिज़ाइन के क्षेत्र में ज्ञान को एक साथ लाकर छात्रों को करियर के लिए तैयार करेगा।

क्या होता है Cognitive Science :-

संज्ञानात्मक विज्ञान (Cognitive Science) इस बात का अध्ययन है कि मन कैसे कार्य करता है, और कार्य के साथ कैसा व्यवहार करता है। अध्ययन के एक वैज्ञानिक क्षेत्र के रूप में, संज्ञानात्मक विज्ञान को कई मौजूदा विषयों जैसे दर्शन, तंत्रिका विज्ञान, या कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लागू करने की आवश्यकता है ताकि यह समझ सके कि दिमाग कैसे निर्णय लेता है या कार्य करता है।

क्यों है Cognitive Science जरुरी :-

अवसाद और सिज़ोफ्रेनिया जैसी मानसिक बीमारियों के महत्व के कारण संज्ञानात्मक विज्ञान दवा के लिए विशेष रूप से केंद्रीय है, जिनके स्पष्टीकरण और उपचार के लिए संज्ञानात्मक और तंत्रिका प्रक्रियाओं (Neural processes) की समझ की आवश्यकता होती है जो स्वस्थ दिमाग के संचालन को रेखांकित करती हैं।