कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों की तरफ से प्रस्तावित भारत बंद को पंजाब में व्यापक समर्थन मिला। दिल्ली-हरियाणा बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पंजाब के किसान अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में भारत बंद की कॉल के तहत पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था काफी चौकस थी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बाजार पूरी तरह से सुनसान रहे। सभी सड़कों पर चक्का जाम रहा। व्यापारिक, राजनीतिक, व धार्मिक संगठनों ने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस बंद को समर्थन दिया। तस्वीरों में देखें, पंजाब में भारत बंद का असर…

अमृतसर में भारत बंद की कॉल का व्यापक प्रभाव रहा। बस अड्डे से कोई भी बस रवाना नहीं हुई। श्री हरमंदिर साहिब तक जाने वाले सभी रास्तों की बड़ी-छोटी मार्केट भी बंद थी। एसजीपीसी के सभी दफ्तर बंद रहे। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब का सूचना केंद्र कार्यालय भी बंद रहा। किसानों के समर्थन में कई संगठनों ने पुराने व नए शहर को जोड़ने वाले भंडारी पुल पर बैठ कर प्रदर्शन किया। कई संगठनों ने अमृतसर-जालंधर रोड पर स्थित गोल्डन गेट में महिलाओं, बच्चों व युवाओं के साथ किसानों के समर्थन में धरना लगाया।
भारत बंद को लुधियाना ने अपना पूरा समर्थन दिया। इस बंद के दौरान जिला भर के सभी पेट्रोल पंप पूरी तरह से बंद दिखे, शराब ठेके भी नहीं खुले। दोपहर तीन बजे तक जिला भर में भारत बंद पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहा। जगरांव ब्रिज पर सुबह दस बजे से महिलाओं का जत्था पहुंचा और कीर्तन करना शुरू कर दिया। दोपहर तीन बजे तक लगातार यहां महिलाएं कीर्तन कर केंद्र सरकार के कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जताती रही। अकाली दल ने समराला चौक पर धरना देकर केंद्र सरकार के कानूनों को विरोध जताया। कांग्रेस ने मिनी सचिवालय के बाहर धरना लगाया। मुस्लिम संस्थाओं की तरफ से जामा मस्जिद के शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी की अगुवाई में रोष मार्च निकाल अपना विरोध जताया।
भारत बंद के आह्वान पर मंगलवार को बटाला, फतेहगढ़ चूड़ियां, डेरा बाबा नानक और श्री हरगोबिंदपुर संपूर्ण तौर पर बंद रहा। मंगलवार को बटाला में विभिन्न जगहों पर किसान-मजदूर यूनियन, पावरकॉम यूनियन, रोडवेज यूनियनों आदि ने कृषि कानूनों के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया। मंगलवार को किसी भी दुकानदार ने अपनी दुकानें नहीं खोली। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे बच्चें भी हाथों में तख्तियां लिए थे, जिसमें कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग थी।
पोस्टर लेकर खड़े बच्चे बोले- मोदी अंकल किसानों के मन की बात सुनें
बठिंडा में भारत बंद के तहत बठिंडा-मानसा, बठिंडा-अमृतसर, बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे समेत बठिंडा-अंबाला, बठिंडा-जींद रेलवे ट्रैक पर किसानों ने धरना दिया। बठिंडा अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना दे रहे छोटे बच्चे हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे। बच्चों में शामिल मनिंदर सिंह, नवनीत कौर ने कहा कि मोदी अंकल आप किसानों के मन की बात सुनें। बच्चों ने अपने हाथों में उठाए पोस्टर में लिखा था किसान मजदूर एकता जिंदाबाद। सिविल अस्पताल के डॉक्टर गुरमेल सिंह ने कहा कि समूह सरकारी डॉक्टरों ने बंद का समर्थन किया।