भारत बंद को सफल बनाने का, आह्वान करेगी कांग्रेस

नई दिल्ली। कृषि कानूनों को लेकर करीब 10 दिनों से चल रहे आंदोलन, सरकार से विफल वार्ता और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में दिल्ली एनसीआर पहुंचे किसानों का विरोध लगातार जारी है। रविवार सुबह से ही किसान सिंघु, टीकरी, दिल्ली गाजियाबाद, चिल्ला व अन्य बॉर्डरों पर डटे हुए हैं। शनिवार को एक बार फिर केंद्र के साथ वार्ता बेनतीजा रहने पर किसानों में रोष पनप गया। बॉर्डरों पर डटे किसानों ने एलान कर दिया है कि वह आंदोलन को तेज करेंगे और बगैर मांग पूरी हुए वापस नहीं जाएंगे। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से संबंधित हर अपडेट-

सिंघु बॉर्डर पर संक्रमण को लेकर दिख रही लापरवाही-

सिंघु बॉर्डर पर किसान लगातार डटे हुए हैं। एक बार फिर किसान संगठन आपस में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। प्रदर्शन स्थल पर भीड़ इतनी है, लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए किसी तरह के एहतियात नहीं बरते जा रहे हैं।

भारत बंद के समर्थन में कांग्रेस-

कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद का कांग्रेस पार्टी समर्थन करेगी। हम अपने पार्टी कार्यालयों पर भी प्रदर्शन करेंगे। यह किसानों के समर्थन में को राहुल गांधी की ओर से बढ़ाया गया मजबूत कदम होगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रदर्शन सफल हो।

 किसानों को मिला टीआरएस का समर्थन-

किसानों के भारत बंद आंदोलन को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आठ दिसंबर को होने वाले भारत बंद में टीआरएस किसानों के समर्थन में खड़ी है।

यहां से किया गया है ट्रैफिक डायवर्ट-

पुलिस ने जानकारी दी कि मुकरबा और जीकेटी रोड से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही आउटर रिंग रोड, जीकेटी रोड और एनएच 44 का इस्तेमाल न करने की भी सलाह दी गई है।

कई बॉर्ड हैं बंद-

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि सिंघु, औचंदी, पियाओ मनियारी और मंगेश बॉर्डर पूरी तरह से बंद हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 भी दोनों ओर से बंद है। इसलिए लोगों को लामपुर, साफियाबाद, साबोली, एनएच 8, भोपरा, अप्सरा बॉर्डर या पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के रास्तों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।

अब भारत बंद में दिखेगी किसानों की ताकत: टिकैत

सरकार के साथ शनिवार को पांचवें दौर की वार्ता में कोई हल न निकलने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने देर रात अमर उजाला से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सरकार मंडी और कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग पर बात करना चाहती थी। लेकिन किसान प्रतिनिधिमंडल कृषि कानून वापसी पर अड़ा रहा। टिकैत ने कहा कि अब 8 दिसंबर को भारत बंद में किसानों की ताकत दिखेगी।