चंडीगढ़। सुखना लेक और रॉक गार्डन में रविवार को बिना मास्क लगाए घूम रहे 80 पर्यटकों के चालान काटे गए। सेंट्रल एसडीएम के नेतृत्व में गठित पांच टीमों ने दोनों पर्यटन स्थलों पर कोराना से बचाव के लिए तय नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं, स्थानीय पुलिस ने भी मास्क नहीं पहनने वालों के चालान काटे। रविवार को कुल 80 चालान काटे गए, जिसमें से एसडीएम की टीम ने 40 और पुलिस ने भी 40 चालान काटे।
कार्रवाई के तहत लोगों पर 500-500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। दूसरी तरफ रविवार को शहर में कोरोना के 80 पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि दो लोगों की मौत हुई। दिवाली के बाद से कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। रविवार को 119 लोग कोरोना मुक्त हो गए। उन्हें अस्पताल व होम आइसोलेशन से छुट्टी दे दी गई।

जब से रॉक गार्डन खुला है, तब से कोविड-19 के बचाव के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने की बात सामने आ रही है। न तो पर्यटक मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन कर रहे हैं। रविवार को छुट्टी होने के कारण यहां खूब भीड़ उमड़ी और नियमों को तार-तार किया गया। प्रशासन की ओर से पहले पर्यटकों से अपील की गई थी कि वे मास्क पहनकर घूमने आएं लेकिन ज्यादातर लोगों ने इसका पालन नहीं किया। उसके बाद पुलिस व प्रशासन की टीम ने शिकंजा कसना शुरू किया। साथ ही रैंडम सैंपलिंग भी गई।
रविवार को 101 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ सहित बाकी राज्यों से भी कहा है कि वे कोरोना जांच के साथ लापरवाही करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसें। उसके बाद प्रशासन ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। साथ ही इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि यदि केस बढ़ते रहे और लापरवाही बंद नहीं हुई तो रॉक गार्डन को दोबारा से बंद किया जा सकता है।
तीन फीसदी मिले पॉजिटिव-
यूटी प्रशासन की ओर से पिछले 45 दिनों से कोरोना की रैंडम जांच की जा रही है। इस दौरान दस हजार से ज्यादा सैंपल लिए गए, जिनमें तीन फीसदी लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। ये जांच कैंप बस अड्डे, मार्केट, कंटेनमेंट जोन व अलग-अलग इलाकों में लगाए गए हैं। इस दौरान रैपिड एंटीजेन तरीके से जांच की गई। कुछ लोगों के आरटी पीसीआर से भी टेस्ट किए गए। 19 नवंबर तक टीम ने करीब साढ़े दस हजार सैंपलों की जांच की। इनमें से 312 लोगों पॉजिटिव मिले हैं।
ठंड तक बरतना होगा एहतियात-
पीजीआई के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार का कहना है कि कोरोना वायरस का खतरा जो पहले था, वो अभी भी है। जब तक वैक्सीन नहीं आती, तब तक खतरा बरकरार रहेगा। ठंड में खतरा इसलिए बढ़ जाता है, क्योंकि मुंह व नाक से निकलने वाले ड्रॉपलेट (छोटी बूंदे) देर से सूखती हैं। इसलिए ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। लोगों को बेवजह यात्रा व पर्यटन स्थल पर जाने से बचना चाहिए। मास्क पहनने व सामाजिक दूरी का पालन करने के साथ हेल्दी डाइट लें और योग व एक्सरसाइज करें।
आज यहां रहेगी मोबाइल टेस्टिंग टीम-
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि सोमवार को मोबाइल टेस्टिंग टीम सेक्टर 17 बस स्टैंड, धनास स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर, सिविल डिस्पेंसरी मौलीजागरां, सेक्टर 47 होम्योपैथी डिस्पेंसरी व सेक्टर 26 पुलिस हास्पिटल में रहेगी। यहां पर कोई भी आकर कोरोना की जांच करवा सकता है। कुछ ही देर में मरीज को रिपोर्ट दे दी जाएगी।