मुजफ्फराबाद। गुलाम कश्मीर में चुनाव से पहले होने वाली सभाओं में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने सरकार पर सीधा निशाना साधा और कहा कि सरकार को वोट की जरूरत नहीं,वह बूट के लायक है।’ गिलगिट-बाल्टिस्तान के नगर में उन्होंने कहा कि इमरान सरकार पार्टी के प्रमुख नवाज शरीफ के कामों का श्रेय लेना चाहते हैं। मरयम ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव की गड़बडि़यों के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने चुनाव आयोग को भी सलाह दी कि वे पीएमएल-एन पार्टी और जनता के वोट के बीच में न आएं।

बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाक सरकार को सेना की कठपुतली कहा-
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक अन्य स्थान पर सभा में कहा कि सेना की कठपुतली बनी सरकार को सत्ता से बाहर कर देना चाहिए। गिलगिट-बाल्टिस्तान में 15 नवंबर को विधान सभा के चुनाव हैं।
मरियम ने पाक सरकार को कहा था फर्जी सरकार-
बता दें कि इससे पहले मरियम नवाज ने दावा किया था कि इमरान खान दिन गिन रहे हैं और उनकी ‘फर्जी सरकार’ जल्द ही गिरने वाली है। चिलास में चुनावी रैली में मरियम ने कहा था कि ‘फर्जी शासकों’ के दिन खत्म हो चुके हैं और आखिरी धक्का 15 नवंबर को दिया जाएगा। मरियम ने यह भी आरोप लगाया था कि गिलगित-बाल्टिस्तान चुनावों से पहले भी वोटों की हेराफेरी हो रही थी, और लोगों को अपने वोटों की रक्षा करनी चाहिए। उन्हें चोरी होने से रोकना चाहिए। पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष ने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोग हिमालय के पहाड़ों जितने मजबूत हैं और यहां के लोगों ने हमेशा अच्छे और बुरे समय में पार्टी का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया कि विकास परियोजनाओं और इलाके से गुजरने वाली सड़कों को पीएमएल-एन युग के दौरान बनाया गया था।
15 नवंबर को गिलगित-बाल्टिस्तान में विधानसभा चुनाव-
पाकिस्तान ने हाल ही में घोषणा की थी कि 15 नवंबर को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा के लिए चुनाव होंगे। इमरान खान सरकार ने पहले इस क्षेत्र को अंतरिम प्रांत का दर्जा देने की घोषणा की थी, जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया था। इमरान सरकार के इस फैसले के खिलाफ सिर्फ गिलगित-बाल्टिस्तान में ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के शहरों में भी जमकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए थे।