
राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन के समय यातायात नियमों का उल्लंघन होने पर जगह-जगह चौराहों और राजमार्गों पर लगे कैमरों के द्वारा काटे गए चालान और अनलॉक की शरुआत होने के बाद से यातायात पुलिस द्वारा काटे जा रहे चालानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इनमें ऐसे लोगों को समस्या आ रही है, जिनका लॉकडाउन के समय ओवर स्पीड या रेड लाइट तोड़ने की गलती कैमरे में दर्ज होने पर ऑनलाइन चालान कट गया था। लॉकडाउन के कारण इन लोगों को चालान कटने का मैसेज भी काफी देर से आया। तब तक कोर्ट में जाकर चालान भरने की तारीख भी निकल चुकी थी। वहीं इनमें बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिनके पास गलत चालान पहुंच गए हैं। या जो ये मानते हैं कि उनका चालान गलत काटा गया है, वे लोक अदालत का इंतजार करते हैं।

अब तक पहुंचे 27 लाख चालान
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 110 लाख वाहन हैं। इन वाहनों के द्वारा यातायात नियमों को तोड़ने पर वर्चुअल कोर्ट में इस साल अब तक 27 लाख चालान पहुंच चुके हैं। दिल्ली में यातायात संबंधी चालान के निस्तारण के लिए तीस हजारी कोर्ट में वर्चुअल कोर्ट की व्यवस्था है। यहां जाकर एक तिहाई लोगों ने जुर्माना भी भर दिया है, जिससे 120 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। हालांकि। इसके बावजूद अभी करीब 28 लाख चालान वर्चुअल कोर्ट में लंबित हैं। हालांकि बड़ी संख्या में लोग अपने चालानों का निस्तारण कराने के लिए यातायात की लोक अदालत का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन कोरोना संकट के कारण अभी तक दिल्ली में यातायात की लोक अदालत का आयोजन नहीं हो सका है।
दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएसएलएसए) के अधिकारियों के मुताबिक लॉकडाउन के बाद से अब तक ऑनलाइन माध्यय से दो लोक अदालतों का आयोजन दिल्ली की सभी जिला अदालतों में किया जा चुका है। जिनमें सिर्फ बिजली बिल संबंधी, चेक बाउंस और अन्य कई तरह के मामलों का निस्तारण हो चुका है। ये लोक अदालतें अगस्त और सितंबर माह में आयोजित की गई थीं। साथ ही उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से लोक अदालत का आयोजन कर यातायात चालान से संबंधित मामलों का निपटारा नहीं किया जा सकता है, इसलिए यातायात के मामलों का निपटारा करने के लिए फिजीकल रूप में ही लोक अदालत का आयोजन करना पड़ेगा। लेकिन दिल्ली में पिछले दो महीने से कोरोना के मामलों में बढ़ोत्तरी होने के कारण यातायात की लोक अदालत का आयोजन नहीं हो सका है। हालांकि इसके लिए डीएसएलएसए की ओेर से कई बार प्रयास किया गया है। डीएसएलएसए के विशेष सचिव गौतम मनन ने बताया कि अब दिसंबर माह में तीसरी ऑनलाइन लोक अदालत के साथ ही यातायात की लोक अदालत भी आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। अगर स्थितियां ठीक रही तो यातायात चालान से संबंधित मामलों का भी निपटारा यातायात की लोक अदालत के माध्यम से कियाे जाएगा।