नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के लोग पहले ही कोविड 19 (COVID 19) और वायु प्रदूषण (Air Pollution) की दोहरी मार से पस्त हैं, और अब यमुना नदी (Yamuna River) में अमोनिया का स्तर बढ़ने से लोगों की दिक्कतें बढ़ गई है. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Delhi BJP President Aadesh Gupta) ने इस पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि समय रहते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए. इस वजह से बढ़ता प्रदूषण राजधानी में कोरोना मामलों में हो रही वृद्धि का भी कारण बन रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों को जहरीला पानी पीने पर मजबूर कर दिया है, क्या मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं यह पानी पिएंगे? मुख्यमंत्री को चुनौती देता हूं कि कि वो मेरे साथ चलें, मैं बताऊंगा कि कहां-कहां से दिल्ली में जहरीला पानी आ रहा है. चुनाव के समय केजरीवाल द्वारा किए वादे के मुताबिक इस साल दिल्ली के अमोनिया रहित पानी मिलना था.

आदेश गुप्ता ने कहा कि कोविड 19 के शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर दावे किए थे, वो कोरोना के मामले बढ़ने पर खोखले साबित हुए. साथ ही केजरीवाल सरकार ने कोरोना मरीजों के हाल जानने के नाम पर प्राइवेट एजेंसियों पर 250 करोड़ रुपए खर्च किए. ठीक उसी तरह प्रदूषण नियंत्रण को लेकर केजरीवाल सरकार द्वारा की गई तैयारियां दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए खर्च कर के होर्डिंग्स और चौक-चैराहों पर खड़े आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के प्लेकार्ड पर ही दिख रही है, जमीन पर नहीं. दिल्ली सरकार की प्रदूषण को लेकर सरकारी घोषणा और आकलन भी उनके चुनावी घोषणा पत्र की तरह ही हवा-हवाई है.
‘जल प्रदूषण को रोकने के बजाए दिल्लीवासियों को राम भरोसे छोड़ दिया’
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के मुखिया मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही हैं, और जल प्रदूषण को रोकने की बजाय उन्होंने दिल्ली के लोगों को राम भरोसे छोड़ दिया है. दिल्ली सरकार ने 60 हजार करोड़ रुपए लिए लेकिन लगता है कि प्रदूषण नियंत्रण की तैयारियों को लागू करने के लिए 600 रुपए भी नहीं खर्च किए हैं. इसलिए यहां की हवा जहरीली हो गई है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के आंकड़े तो किसी का भी रोंगटे खड़ा कर देने वाले हैं, और अब यमुना नदी का पानी भी जहरीला हो गया है. यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा बढ़ने से सोनिया विहार और भागीरथी जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) में पानी को साफ करने का कार्य प्रतिकूल रूप से प्रभावित रही जिसके कारण दिल्लीवासियों को जलापूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
उन्होंने कहा कि वायु-प्रदूषण और जल प्रदूषण का असर सबसे ज्यादा लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जो कोरोना महामारी को बढ़ाने का बड़ा कारण बन सकती है. इसलिए दिल्ली सरकार को गंभीरता दिखाते हुए कार्य करने की जरूरत है. मुख्यमंत्री केजरीवाल दिल्लीवासियों के हितों में किए गए वादों को सिर्फ प्रचार में प्रदर्शित न करें बल्कि उसे जमीन पर भी उतारें ताकि दिल्ली की जनता की तकलीफ कम हो और उन्हें प्रदूषण से होने वाली समस्याओं का सामना न करना पड़े.