रक्षा क्षेत्र (Defense Sector) में आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar India) को लेकर सुर्खियां भले ही अब हों, लेकिन करीब 60 साल पहले से ही न सिर्फ इस पहलू को समझा गया था, बल्कि इस दिशा में पुख्ता कदम उठाए गए थे. जी हां, पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) ने जर्मनी के विशेषज्ञों की मदद से भारत का पहला देसी लड़ाकू विमान (First Indian Fighter jet) बनवाया था, जिसकी पूरी रिसर्च और निर्माण के लिए डेवलपमेंट भारत में ही हुआ था. लोगों के बीच गलतफहमी यह भी रही कि भारत का पहला देसी लड़ाकू विमान तेजस (Fighter Jet Tejas) रहा, लेकिन ऐसा नहीं है.
जर्मन इंजीनियर कुर्त टैंक से डिज़ाइन करवाए गए फाइटर जेट HF-24 मारूत के बारे में शायद आपने पहले कहीं सुना हो. बेशक, यही भारत का पहला देसी फाइटर था और उस समय हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि भी. 1 अप्रैल 1967 को भारतीय वायु सेना को मिले मारूत के बहाने भारत के देसी फाइटर जेट डेवलपमेंट की कहानी काफी दिलचस्प है.