जानिए सप्ताह के सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त,

* साप्ताहिक मुहूर्त : 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2020
आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। खास आपके लिए सप्ताह के 7 दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप इन 7 दिनों में वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो इस शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सकें। ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्तों का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर आपके लिए इस सप्ताह के अंतर्गत आनेवाले प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।

19 अक्टूबर 2020, सोमवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास-आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लसंवत्सर नाम- प्रमादीऋतु-शरदवार-सोमवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-तृतीयानक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-अनुराधायोग (सूर्योदयकालीन)-आनंदकरण (सूर्योदयकालीन)-गरजलग्न (सूर्योदयकालीन)- तुलाशुभ समय- 6:00 से 7:30 तक, 9:00 से 10:30 तक, 3:31 से 6:41 तकराहु काल- प्रात: 7:30 से 9:00 बजे तकदिशा शूल-आग्नेययोगिनी वास-आग्नेयगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-वृश्चिकव्रत/मुहूर्त-सर्वार्थ सिद्धि योगयात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।आज का उपाय-मंदिर में मिश्री अर्पित करें।वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

20 अक्टूबर 2020, मंगलवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास- आश्विन (द्वितीय)पक्ष- शुक्लसंवत्सर नाम- प्रमादीऋतु- शरदवार-मंगलवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-चतुर्थीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-ज्येष्ठायोग (सूर्योदयकालीन)-सौभाग्यकरण (सूर्योदयकालीन)-विष्टिलग्न (सूर्योदयकालीन)- तुलाशुभ समय-10:46 से 1:55, 3:30 5:05 तकराहु काल- दोप. 3:00 से 4:30 बजे तकदिशा शूल-उत्तरयोगिनी वास-नैऋत्यगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-धनुव्रत/मुहूर्त-मूल प्रारंभ/गणेश संकष्टी चतुर्थीयात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।आज का उपाय- हनुमान मंदिर में मसूर की दाल अर्पित करें।वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

 21 अक्टूबर 2020, बुधवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास- आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लसंवत्सर नाम- प्रमादीऋतु-शरदवार-बुधवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-पंचमीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-मूलयोग (सूर्योदयकालीन)-शोभनकरण (सूर्योदयकालीन)-बालवलग्न (सूर्योदयकालीन)- तुलाशुभ समय- 6:00 से 9:11, 5:00 से 6:30 तकराहु काल- दोप. 12:00 से 1:30 बजे तकदिशा शूल-ईशानयोगिनी वास-दक्षिणगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-धनुव्रत/मुहूर्त-सरस्वती पूजन मुहूर्त/ वाहन क्रय मुहूर्तयात्रा शकुन-हरे फल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।आज का उपाय-मंदिर में जायफल अर्पित करें।वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं। 

22 अक्टूबर 2020, गुरुवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास- आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लसंवत्सर नाम- प्रमादीऋतु-हेमंतवार-गुरुवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-षष्ठीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-पूर्वाषाढ़ायोग (सूर्योदयकालीन)-सुकर्माकरण (सूर्योदयकालीन)-तैतिललग्न (सूर्योदयकालीन)-तुलाशुभ समय- 6:00 से 7:30, 12:20 से 3:30, 5:00 से 6:30 तकराहु काल-दोप. 1:30 से 3:00 बजे तकदिशा शूल-दक्षिणयोगिनी वास-पश्चिमगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-धनुव्रत/मुहूर्त-मूल समाप्त/हेमंत ऋतु प्रारंभयात्रा शकुन- बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।आज का उपाय-हल्दी व शहद मिश्रित जल से स्नान करें।वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। 

 23 अक्टूबर 2020, शुक्रवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास- आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लसंवत्सर नाम- प्रमादीऋतु-हेमंतवार-शुक्रवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-सप्तमीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-उत्तराषाढ़ायोग (सूर्योदयकालीन)-धृतिकरण (सूर्योदयकालीन)-वणिजलग्न (सूर्योदयकालीन)- तुलाशुभ समय- 7:30 से 10:45, 12:20 से 2:00 तकराहु काल-प्रात: 10:30 से 12:00 बजे तकदिशा शूल-वायव्ययोगिनी वास- वायव्यगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-मकरव्रत/मुहूर्त-वाहन क्रय मुहूर्तयात्रा शकुन- शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।आज का उपाय-मंदिर में मिश्री व चांदी दान करें।वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।

 24 अक्टूबर 2020, शनिवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास- आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लऋतु- हेमंतसंवत्सर नाम-प्रमादीवार-शनिवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-अष्टमीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-श्रवणयोग (सूर्योदयकालीन)-शूलकरण (सूर्योदयकालीन)-बवलग्न (सूर्योदयकालीन)-तुलाशुभ समय- प्रात: 7:35 से 9:11, 1:57 से 5:08 बजे तकराहु काल- प्रात: 9:00 से 10:30 तकदिशा शूल-पूर्वयोगिनी वास-ईशानगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-मकरव्रत/मुहूर्त-सर्वार्थ सिद्धि योगयात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती चढाएं।वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।  

25 अक्टूबर 2020, रविवार के शुभ मुहूर्त शुभ विक्रम संवत्- 2077, हिजरी सन्- 1440-41, ईस्वी सन् -2020अयन- दक्षिणायणमास-आश्विन (द्वितीय)पक्ष-शुक्लसंवत्सर नाम-प्रमादीऋतु-हेमंतवार-रविवारतिथि (सूर्योदयकालीन)-नवमीनक्षत्र (सूर्योदयकालीन)-धनिष्ठायोग (सूर्योदयकालीन)-गंडकरण (सूर्योदयकालीन)-कौलवलग्न (सूर्योदयकालीन)-तुलाशुभ समय-9:11 से 12:21, 1:56 से 3:32राहु काल- सायं 4:30 से 6:00 बजे तकदिशा शूल- पश्चिमयोगिनी वास-पूर्वगुरु तारा-उदितशुक्र तारा-उदितचंद्र स्थिति-कुंभव्रत/मुहूर्त-पंचक प्रारंभ/ विजयादशमी/शमी पूजायात्रा शकुन- इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।आज का उपाय- शमी वृक्ष की पूजा-अर्चना करें।वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।