यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने दो अमेरिकियों को बना रखा था बंधक, अब किया रिहा

यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने दो अमेरिकियों को बंधक बना रखा था। इन दोनों अमेरिकियों को बुधवार को रिहा कर दिया गया। ट्रंप प्रशासन और ओमान की सरकार के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। व्हाइट हाउस की ओर से भी इन दोनों रिहा किए गए नागरिकों के बारे में जानकारी दी गई है।

सैंड्रा लोली नामक एक कार्यकर्ता को 16 माह पहले युद्ध ग्रस्त इलाके में मदद करने के लिए भेजा गया था। इसके अलावा एक व्यवसायी मिकेल गिदा को भी हूती विद्रोहियों ने बंधक बना लिया था। इसके अलावा ओमान में लगभग 240 हूती विद्रोहियों को कब्जे में रखा गया थआ। इन सभी को सऊदी अरब ने यमन लौटने की अनुमति दी थी।

हूती विद्रोहिया ने एक तीसरे अमेरिकी, बिलाल फेटेन को भी रिहा कर दिया, हूती विद्रोहियों की कैद में रहते हुए प्राकृतिक कारणों से मौत हो गई थी। एक बयान में लोली के पति, रिचर्ड बोनी ने कहा कि हमारा परिवार बहुत राहत और कृतज्ञता से भरा है कि एक प्यारी पत्नी, माँ, बेटी, बहन और दोस्त को उसके परिवार के साथ रिहा किया गया है और फिर से मिलाया गया है।

दरअसल विदेश में किसी भी तरह से कैदी बनाए गए नागरिक को वहां से मुक्त कराना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। एक संक्षिप्त बयान में ओ’ब्रायन ने ओमान के सुल्तान और सऊदी अरब के राजा को धन्यवाद दिया, उन्होंने कहा कि हमारे नागरिकों की रिहाई को सुरक्षित करने के लिए उनकी ओर से जो प्रयास किए गए वो बेहतर रहे हैं।

सऊदी अरब के हवाई ठिकाने के माध्यम से हूतियों को घर से बाहर निकाल दिया गया था। सऊदी राज्य ने कहा कि सऊदी अरब ने हूती के खिलाफ एक सैन्य अभियान छेड़ रखा है, जिसने जनवरी 2015 में यमन की सरकार को गिरा दिया था। तब से यमन एक भीषण गृहयुद्ध में उलझा हुआ है, इस वजह से उसके आर्थिक हालात पर भी असर पड़ा है।