आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होगी कोरोना के लिए सटीक दवा की पहचान

 दिल्ली के ओखला स्थित इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (Indraprastha Institute of Information Technology) के प्रो. अंग्शुल मजूमदार व उनकी टीम ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिससे सैकड़ों दवाओं के डेटाबेस से उन दवाओं या फार्मूले की पहचान की जा सकेगी, जिससे कोविड-19 का इलाज किया जा सके। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के इस्तेमाल से ऐसा संभव हो सका है।

मिली जानकारी के मुताबिक, इस तकनीक ने सैकड़ों दवाओं के डेटाबेस से क्लोरोक्वीन, रेमडेसिवीर, फेविपिरविर और यूमिफेनोविर नाम की दवाएं सर्च कर लीं, जिनका इस्तेमाल भारत व अन्य देशों में कोविड-19 के इलाज में पहले से ही किया जा रहा है।

इस तकनीक का नाम डीपवीर रखा गया है। यह डीप लर्निंग के सिद्धांत पर काम करती है। यह शोध प्रो. अंग्शुल मजूमदार, उनकी छात्रा डॉ. आंचल मोंगिया, एमटेक छात्रा स्तुति जैन व पेरिस स्थित आइएनआरआइए के प्रो. एमिलि चोजनॉक्स ने मिलकर किया है।