
आज सुबह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 5 बजकर 33 मिनट पर अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भूकंप की झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.2 रही। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान कि राजधानी इस्लामाबाद में सुबह 5 बजकर 46 मिनट परभूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां पर रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.3 रही। राहत की बात यह रही है कि दोनों ही भूकंप के झटकों से किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई भी खबर सामने नहीं आई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी जानकारी दी।

बता दें पिछले भारत के भी कई राज्यों में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले महाराष्ट्र और असम राज्य में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस पहले 20 सितंबर को मिजोरम के चंफाई में भूकंप के झटके लगे थे। राहत की बात यह रही है कि अभी तक कोरोना काल में आए भूकंप के झटकों से किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई भी खबर सामने नहीं आई है।
भूकंप आने की वजह
पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के परिणाम स्वरूप भूकंप के आने की संभवाना बढ़ जाती है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर ही भूकंप की तरंगें पैदा करती हैं, जो भूमि को हिलाकर या अलग करके प्रकट होती है। भूकंप की आने की यह मुख्य वजह होती है।
भूकंप मापने का क्या है तरीका
भूकंप का रिकार्ड एक सीस्मोमीटर के साथ रखा जाता है, जिसे सीस्मोग्राफ भी कहा जाता है। भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है इसके अलावा अप्रचलित रिक्टर परिमाण लिया जाता है। 3 या कम परिमाण की रिक्टर तीव्रता का भूकंप अक्सर इम्परसेप्टीबल कहलता है और 7 रिक्टर की तीव्रता का भूकंप बड़े क्षेत्रों में गंभीर नुकसान का कारण होता है। इन भूकंप झटकों की तीव्रता का मापन विकसित मरकैली पैमाने पर की जाती है।