PDA को सब्सिडी में देरी पर NGT का फैसला आज, पीपीसीबी सचिव VC के माध्यम से रखेंगे पक्ष

डाइंग इंडस्ट्री के लिए दो कॉमन एंफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के निर्माण में सरकारी सबसिडी की देरी को लेकर एनजीटी ने संज्ञान लिया है। इसको लेकर प्रदेश सरकार से सबसिडी न देने को लेकर जवाब तलबी की गई है। पंजाब डायर्स एसोसिएशन ने यह मुद्दा उठाया था.

एनजीटी का फैसला 29 जून को आएगा। ज्ञात हो कि लुधियाना में दो सीईटीपी प्लांट 40 एमएलडी और 50 एमएलडी बनाए जा रहे हैं। इन दोनों की कीमत लगभग 130 करोड़ रुपये है।

क्या है नियम

नियम के अनुसार पंजाब सरकार पहले और केंद्र सरकार बाद में पैसे देगी । लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक पीडीए को दोनों प्लांट्स के लिए सिरफ 1.5-1.5 करोड़ ही दिए हैं और केंद्र सरकार ने 3-3 करोड़ ही दिए हैं। पंजाब सरकार द्वारा अपने हिस्से का 6-6 करोड़ रुपये ना देने के कारण केंद्र अपने हिस्से का पैसा 12-12 करोड़ भी नहीं दे पा रहा, जिसके कारण यह प्रोजेक्ट लेट हो रहा है।

एनजीटी की शरण में पीडीए

पीडीए पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ दोबारा एनजीटी की शरण में चला गया है। एनजीटी में पीपीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी को 13 अप्रैल को पेश होने के लिए कहा था। हालांकि कोविड-19 के कारण कोर्ट बंद हो गए थे। अब एनजीटी में 29 जून को मेंबर सचिव पीपीसीबी करुणेश गर्ग पंजाब सरकार की तरफ से पेश होकर वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे।