जानिए अगला चंद्र ग्रहण कब है आइये जानते है चंद्र ग्रहण से जुड़ी कुछ बाते

साल का तीसरा चंद्रग्रहण 5 जुलाई को लगने जा रहा है। ये चंद्रग्रहण सभी राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। माना जा रहा है कि इस ग्रहण का प्रभाव कई देशों में देखने को मिलेगा और इससे कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। आगामी समय में दो चंद्र ग्रहण व एक सूर्य ग्रहण और लगेगा। 5 जुलाई को चंद्रग्रहण लगेगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।

लास एंजिल्स में 4 जुलाई रात 8 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 10 बजकर 52 मिनट तक दिखाई देगा। यह पौने तीन घंटे तक देखा जा सकेगा। केपटाउन में 5 जुलाई को सुबह 5 बजे तक खत्म होगा। इसके बाद 5 महीने 25 दिन बाद 30 नवंबर को चंद्रग्रहण व 14 दिसंबर 2020 को टोटल सूर्यग्रहण होगा। इसे भी हम भारत से नहीं देख पाएंगे। आज हम आपको बताने जा रहे हैं चंद्रग्रहण का समय और इसके सूतक काल का समय।

5 जुलाई को लगने वाला यह ग्रहण धनु राशि में लगने जा रहा है। इस वजह से इस राशि के जातकों के लिए परेशानी बढ़ सकती है। यह चंद्रग्रहण सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा और 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्‍त होगा। इस प्रकार से कहा जा सकता है पांच जुलाई को 02 घंटे 43 मिनट 24 सेकंड तक ग्रहण रहेगा।

सूतक काल मान्य नहीं होगा

5 जुलाई को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा यानि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे। पूजा पाठ और भोजन से जुड़े कार्य किए जा सकेंगे। लेकिन फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन करना जरूरी है। इन सभी उप छाया ग्रहणों में सूतक काल मान्य नहीं होंगे।

जानें कहां दिखाई देगा 05 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण

उप छाया चंद्र ग्रहण आगामी 05 जुलाई को लगेगा. यह भारत सहित दक्षिण एशिया के कुछ हिस्से अमेरिका, यूरोप व अस्ट्रेलिया में दिखाई देगा. चौथा उप छाया चंद्रग्रहण 30 नवंबर को लगेगा यह एशिया, आस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. इन सभी उप छाया ग्रहणों में सूतक काल मान्य नहीं होंगे।

क्या होता है चंद्र ग्रहण

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर वर्ष ग्रहण लगते हैं। इनकी संख्या कम से कम चार और अधिकतम 6 होती हैं। ग्रहण खगोलीय घटना है। यह जानने की चीज है कि पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य भी गति करते हैं। ग्रहण का होना सामान्य खगोलीय घटना है। ग्रहण को ऐसे समझ सकते हैं कि ‘चंद्र ग्रहण’ तब होता है जब चंद्रमा और सूर्य के मध्य पृथ्वी आ जाती है। वहीं पृथ्वी और सूर्य के बीच में चंद्रमा आने से ‘सूर्य ग्रहण’ पड़ता है। सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ता है। अभी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच 4 लाख किमी की दूरी का अंतर है और अपनी-अपनी कक्षा में गतिमान हैं। चंद्रमा तीन लाख किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है।

जानिए 2020 में कुल कितने लग रहे ग्रहण

– पहला ग्रहण: 10-11 जनवरी, चंद्र ग्रहण (लग चुका है)

– दूसरा ग्रहण: 5 जून, च्रद्र ग्रहण (लग चुका है)

– तीसरा ग्रहण: 21 जून को होगा, यह सूर्य ग्रहण (लग चुका है)

– चौथा ग्रहण: 05 जुलाई को होगा, यह चंद्र ग्रहण होगा, जो अगले महीने में लगेगा.

– पांचवा ग्रहण: 30 नवंबर को लगेगा, यह चंद्र ग्रहण होगा

– छठा ग्रहण: 14 दिसंबर को लगेगा, यह सूर्य ग्रहण होगा