
सरगुजा जिले में हाथी दलों का आतंक जोरों पर है। हाथी गांवों के अंदर तक दाखिल हो रहे हैं और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी बीच हाथियों के हमले से लोगों की मौतें भी हो रही हैं। बीती रात मैनपाट विकासखंड के ग्राम चोरकीपानी स्थित प्राथमिक पाठशाला के अंदर हाथी घुस आए। हाथियों ने स्कूल के चैनल गेट को तोड दिया और भवन के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वहां रखे मध्याहन भोजन के चावल को हाथी चट कर गए।
बताया जा रहा है कि काफी देर तक हाथी स्कूल परिसर में ही जमा रहे। वहां उन्होंने कई जगहों पर तोड-फोड भी की। सुबह हाथियों के चले जाने के बाद ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तब उन्हें पता चला कि हाथियों ने रात में स्कूल में डेरा जमाया था।
हाथियों का गौतमी दल लगभग एक महीने से मैनपाट और कापु वन परिक्षेत्र के सीमावर्ती जंगल में जमा हुआ था। पिछले पांच दिनों से हाथी तराई क्षेत्र से ऊपर आ चुके हैं। पेट व पीडिया से लगे जंगल में जमे हाथी शाम को सड़क के आसपास भी आ जा रहे हैं। गांवों के आस-पास हाथी दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
दो दिन पहले हाथी कुनकुरीखुर्द में एक ग्रामीण का घर क्षतिग्रस्त कर दिया था। घर मे रहने वालों ने भाग कर अपनी जान बचाई थी। रविवार शाम को भी हाथियों की मौजूदगी पेट मार्ग के नजदीक थी। रात में हाथियों का दल चोरकीपानी बस्ती के नजदीक पहुंच गया।
बस्ती के किनारे प्राथमिक पाठशाला भवन को देख हाथियों ने वही तोड़फोड़ मचाना शुरू कर दिया। स्कूल में मध्यान्ह भोजन का चावल रखा हुआ था। हाथियों ने चैनल गेट को तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। यहां रखा चावल हाथियों ने खाया और स्कूल के खिड़कियों को भी क्षति पहुंचाई। दल में 12 हाथियों की मौजूदगी है। हाथियों का दल अभी भी नजदीक के जंगल मे जमा हुआ है।