
राज्य सरकार के आदेश के बाद आज शुक्रवार से कपड़े और जूते की दुकानें खुल गई हैं। तीन महीने के लॉकडाउन के बाद शहर में आज से कपड़े और जूते की दुकान को खोलने की इजाजत मिली। व्यापारियों के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ देखी जा सकती है। दुकानदार अपना माल सजाने में व्यस्त दिख रहे हैं।
तीन महीने बाद कपड़ा और जूता दुकानों में लौटी रौनक
सुबह से व्यापारी अपने-अपने दुकानों पर पहुंच कर दुकान की साफ-सफाई करते दिखे। सुबह का मौसम साफ होने से ज्यादातर ने दुकान के बाहर सामान निकालकर साफ-सफाई कर रहे हैं। रांची के अपर बाजार की रंगरेज गली में पहले की तरह रौनक दिख रही है। हालांकि आज दुकानदारों की ग्राहकों की संख्या कम रहने की उम्मीद है।

हजारीबाग में दुकानों के बाहर बनाया गोल घेरा
हजारीबाग जिला मुख्यालय में कपड़े और जूते की दुकानें खुल गई हैं। लंबे समय से बंद दुकानों के खुलने से इनके संचालकों को राहत मिली है। आमतौर पर 10:00 बजे खुलने वाली दुकानें सुबह 9:00 बजे से ही खुलनी प्रारंभ हो गई थी। दुकान में आने वाले ग्राहक शारीरिक दूरी का पालन कर सकें, इसके लिए कई दुकानों के बाहर गोल घेरा भी बनाया गया।

मेन रोड में कपड़ा दुकान संचालित करने वाले महेश अग्रवाल ने बताया कि दुकान खोलने के आदेश के बाद मैं सुबह 8:00 बजे ही यहां पहुंच गया था। अपने स्टाफ को बुलाया और साफ सफाई की। पूजा करने के बाद दुकान खोला है। लंबे समय से दुकान बंद रहने से आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही थी। सरकार के इस फैसले से हमें काफी राहत मिलेगी। दुकानों के खुलने से दुकानदारों के चेहरे पर खुशी दिखी।

सरकारी गाइडलाइन के पालन का कर रहे इंतजाम
छोटे-बड़े सभी कपड़ा और जूता दुकानदार छूट में सरकारी गाइडलाइन का पालन करने के इंतजाम भी कर रहे हैं। बड़े दुकानदारों ने अपने कर्मचारियों की संख्या आधी कर दी है। यानि अपने कर्मचारियों को सप्ताहिक शिफ्ट में बुलाने की तैयारी है। साथ ही ट्राई रूम को बंद कर दिया गया है। अपर बाजार के एक व्यापारी ने बताया कि हम अपने कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय करेंगे। सरकार ने अगर हमें छूट दी है तो अब हमारी जिम्मेदारी है हम सुरक्षा का पालन करते हुए व्यापार करें। हमारे कारण कोरोना संक्रमण न फैले, इसका भी ध्यान रखना है। हालांकि इतने दिनों से दुकान के बंद रहने के कारण चूहों ने काफी माल बर्बाद किया है।