
जिलाधिकारी के यहाँ आप बीती सुनाने आई महिला ने बताया बबेरू डॉक्टर ने नही छुआ बच्चे को इलाज़ करने से किया मना बोले डॉक्टर सो रहे है आज रविवार है।मरता क्या न करता माँ बाप बच्चे को लेकर बाँदा के लिए भागे मुरवल के पास परेशान किसान जाम लगाए थे माँ बाप लोगो से चिल्ला -चिल्ला के मिन्नत करते रहे पर किसी ने न सुनी इनकी सबसे बड़ी बात मौजूद पुलिस व अधिकारियो से गिड़गिड़ाते माँ बाप पर कुछ न हुआ आख़िर बच्ची ने आख़री सांस ली और दम तोड़ दिया।
हद तो तब हुई कि जब अपना दुखड़ा ले म्रतक बच्ची की लाश ले जिलाधिकारी के चौखट पहुँची तो यहाँ भी इसे भगा दिया गया।घंटो बाद मीडिया पहुंची तो देख मौजूद पुलिस कमियों ने जिलाअधिकारी को बताया।देखने वाली बात ये है कि कारवाही हुई तो क्यों नही हुई उन अधिकारियों व पुलिस कर्मियों पर जो जाम में मौजूद थे उस डाक्टर का क्या हुआ जो संडे मना रहा था उन पुलिस वालों का क्या क्या हुआ जिन्होंने जिलाधिकारी की चौखट से भगा दिया था।