
कोविड संकट में राज्य सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेजों की फीस में बढ़ोतरी को लेकर मेडिकल छात्रों ने भी संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार को राज्य भर में मेडिकल छात्र शांतमय ढंग से राज्य सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करेंगे। इस संबंध में आएमए मेडिकल स्टूडेंटस नेटवर्क पंजाब (आएमएएमएसएन) ने सरकार की खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एसाेसिएशन के महासचिव राकेश कौल ने बताया कि राज्य भर में बुधवार को एसोसिएशन के सभी सदस्य काले बिल्ले लगा कर सरकार के फैसले का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले के बाद मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी आर्थिक बोझ तले दब जाएंगे। गरीब लोगों के बच्चों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाएंगा। इन हालात में डॉक्टर बनने वाले छात्र दूसरे ट्रेड की शिक्षा की तरफ जाएंगे जिसके कारण देश की स्वास्थ्य प्रणाली का फी कमजोर हो जाएगाी।
आइएमए पंजाब के प्रधान डॉ. नवजोत सिंह दहिया ने कहा कि सरकार ने मेडिकल कालेजों में फीस बढ़ोतरी का गलत फैसला लिया है। कोविड के संकट में लोगों के पास पहले ही पैसे नही है और भविष्य में मेडिकल शिक्षा हासिल कर रहे बच्चों की फीसों का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले खिलाफ पीसीएमएस डाक्टर्स एसोसिएशन भी भी आइएमए को पूर्ण समर्थन दे रही है। बैठक में आइएमएएमएसएन के पैट्रन तनवीर सिंह दहिया. प्रधान गनीव सिंह व रिया शर्मा ने भी बुधवार को होने वाले शांतमय रोष प्रदर्शन के विषय पर विचार व्यक्त किए।