
राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामले के बीच सोमवार से रेस्टॉरेन्ट, मॉल और धार्मिक स्थल खुल जाएंगे। इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो एहतियात बरतने के लिए कहा है उसका सभी को पालन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में ढील देने का मतलब ये नही कि कोरोना खत्म हो गया। ऐसा देखा जा रहा है कि लोग बिना मास्क के घर से निकल रहे हैं।
दिल्ली के लोगों से अपील करते हुए केजरीवाल ने कहा कि सभी लोग शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करें और मास्क पहनें।
होटल और बैंकेट हॉल को खोलने की इजाजत नही
दिल्ली सरकार ने अभी होटल और बैंकेट हॉल को अभी फिलहाल नहीं खोलने का फैसला किया है। सीएम केजरीवाल ने रविवार को बताया कि बढ़ते हुए कोरोना के मामले को देखते हुए आने वाले समय में होटल और बैंक्वेट हॉल को हॉस्पिटल के साथ अटैच करना पड़ सकता है। इसलिए दिल्ली में होटल और बैंक्वेट हॉल नहीं खुलेंगे।
शॉपिंग मॉल खोलने के लिए तैयार मॉल मालिक
दरअसल, अनलॉक के पहले चरण में मिली छूट के बाद अब मॉल के मालिक भी मॉल खोलने की अनुमति मांग रहे थे। उनका कहना था कि मॉल खुलेंगे तो इससे न केवल दिल्ली सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि लोगों का भी जीवनयापन होता रहेगा। मॉल बंद हो जाने से दिल्ली सरकार को हर माह करीब 500 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे में मालिक सरकार के सुरक्षा निर्देशों के पालन के साथ मॉल खोलने के लिए तैयार हैं।
अब मंदिरों में सुनाई नहीं देगी घंटियों की आवाज
आठ जून से खुलने वाले मंदिरों के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने अपने कुछ खास नियम बनाए हैं, जिससे लोग कोरोना वायरस से बच सकें। मंदिर प्रबंधकों की ओर से मंदिर में लगी सभी घंटी कपड़ों से बांधकर ढक दी गई हैं, जिससे की कोई भी श्रद्धालु इन घंटियों को बजा ना सकें। झंडेवालन कालकाजी मंदिर समेत दिल्ली के अन्य मंदिरों की ओर से कोरोना वायरस को रोकने के लिए यह अच्छी पहल की जा रही हैं।
झंडेवालन मंदिर के प्रबंधक रविंद्र गोयल ने बताया कि आठ जून से मंदिर खुला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटी की ओर से लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के हर कोने को सैनिटाइज किया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर के गेट पर ही सेवादार खड़े होंगे, जो प्रवेश से पहले थर्मल स्क्री¨नग करेंगे। साथ ही लोगों को यह बताएंगे कि वह मंदिर में कोई प्रसाद और माथा ना टेके। वह केवल माता के दर्शन कर आगे चले जाएं।
वहीं, कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधुत का कहना कि पूरे मंदिर परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के तीनों गेट पर सैनिटाइजेशन करने वाले टनल लगा दी गई, जिससे होकर ही भक्त मंदिर के अंदर तक आएंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर की सभी घंटी और घंटों को ढक दिया गया है। ताकि कोई भी व्यक्ति इन्हें बजा ना सकें। घंटी छूने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, जिसे देखते हुए पहले से ही इन्हें ढक दिया गया है।