छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे श्रमिक दंपत्ति का लिया हालचाल

धमतरी के ग्राम पंचायत देवरी के क्वारंटाइन सेंटर में 26 मई से ठहरे 31 वर्षीय दानीराम सतनामी और उनके परिवार से मुख्यमंत्री ने स्काइप के जरिए चर्चा कर हालचाल जाना। इस केन्द्र में की गई व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं पर परिवार ने संतोष जताया। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धमतरी विकासखंड के देवरी ग्राम पंचायत के प्राथमिक शाला में बने क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे गुजरात से लौटे परिवार से चर्चा की। दानीराम सतनामी के अलावा उनकी पत्नी किरण सतनामी, पुत्री पायल सतनामी और पुत्र हुमेन्द्र सतनामी 26 मई से क्वारंटाइन सेंटर में हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान उनके स्वास्थ्य, केन्द्र में की गई व्यवस्था और सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने श्रमिक परिवार को यहां रोजगार का एक प्रस्ताव भी दिया है।

उन्होंने दानीराम द्वारा गुजरात में उनके द्वारा किए जा रहे कार्य का विवरण लिया। दानीराम सतनामी ने बताया कि वे लोग गुजरात के साबरकाठा जिले में सर्जिकल में काम करते थे। इसके तहत डाॅक्टर्स के लिए इस्तेमाल होने वाले काॅटन तैयार करने का काम किया जाता था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य वे गुजरात में कर रहे थे, वह यहीं मिल जाए तो क्या वे करना चाहेंगे? इस पर प्रसन्नता जाहिर करते दानीराम ने हामी भरी और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री के पूछने पर शदानीराम ने बताया कि उन्हें क्वारंटाइन सेंटर में भोजन, चिकित्सा सहित बच्चों के खेलने के लिए खिलौने इत्यादि की बहुत अच्छी सुविधा मुहैय्या हो रही है। साथ ही अधिकारियों द्वारा भी नियमित रूप से उनका हाल-चाल पूछा जा रहा है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने उनकी पत्नी और दोनों बच्चों से भी बात कर हाल चाल जाना। नन्हे बच्चों ने प्रसन्न होकर प्रदेश के मुखिया को अपना परिचय दिया।

मुख्यमंत्री ने इसके बाद गांव के सरपंच से दूरभाष पर चर्चा की तथा कोरोना बीमारी से सुरक्षा और बचाव के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। सरपंच ने मौके पर मुख्यमंत्री से गांव में पुल निर्माण की मांग की जिससे किसानों को धान खरीदी केन्द्र जाने के लिए छह किलोमीटर का लंबा सफर तय करने की जरूरत ना पड़े।

मुख्यमंत्री ने तत्काल कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य से दूरभाष पर चर्चा कर देवरी-दोनर के बीच लगभग तीन करोड़ की लागत से पुल निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ज्ञात हो कि कोविड-19 से सुरक्षा और बचाव के लिए जिले में हर संभव कवायद की जा रही है। इसी कड़ी में लॉकडाउन अवधि में प्रवासी मजदूरों और लोगों को जिले में लौटने पर 14 दिनों के लिए एहतियातन विभिन्न क्वारंटाइन सेंटर में रहने की व्यवस्था की गई है।