चक्रवात निसर्ग से निपटने को गुजरात सरकार ने कर ली पूरी तैयारी, ये है खास इंतजाम

अरब सागर में उठे चक्रवात निसर्ग के चलते दक्षिण गुजरात में भारी बारिश व तेज हवाएं चलने की आशंका है। प्रशासन ने 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचा दिया वहीं सूरत व वापी में रसायन व अन्‍य उद्योगों को बुधवार को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों से 250 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्‍थलों पर भेजा गया है। समुद्री तूफान निसर्ग के चलते दक्षिण गुजरात के वलसाड व नवसारी में खास निगरानी रखी जा रही है। सरकार ने चक्रवात के चलते आने वाली आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

नवसारी व वलसाड में 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ़तार से हवाएं चलने की संभावनाएं हैं जबकि भरुच में इसकी गति 70 से 80 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना बताई जा रही है। अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते जारी गाडइ लाइन के मुताबिक दक्षिण गुजरात के कई गांवों से अब तक 50 हजार लोगों को सुरक्षित स्‍थलों व सरकार के आश्रय स्‍थलों में पहुंचाया गया है। समुद्री सीमा वाले इलाकों में एनडीआरएफ की 15 तथा एसडीआरएफ की 5 टीमें तैनात की गई है। सूरत व वापी में सुरक्षा कारणों से रसायन व अन्‍य उद्योगों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना महामारी के चलते अस्‍पतालों में मरीजों को तकलीफ नहीं हो इसके लिए लगातार बिजली आपूर्ति के सभी इंतजाम किए गए हैं।

शहर व गांवों में अबाधित बिजली आपूर्ति की व्‍यवस्‍था के लिए विशेष अधिकारी नियुक्‍त किए गए हैं। झींगा फार्म व नमक उद्योगों के श्रमिकों को भी सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचा दिया गया है। सूरत , वलसाड व अन्‍य शहरों में सुरक्षा कारणों से 236 विशाल होर्डिंग्‍स व 120 हाई मास्‍ट लाइट उतार लिए गए हैं।

गुजरात के चक्रवात प्रभावित क्षेतों में 250 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचाया गया है, प्रशासन ने 250 एम्‍बुलेंस व 170 मेडिकल इमरजेंसी टीमों को भी तैनात किया है ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटा जा सके।