
कोरोना काल ने कई नियम और कानून बदल दिए हैैं। कोरोना से पहले पहले मुंह ढक कर वाहन चलाना अपराध की श्रेणी में शामिल था। गर्मियों में अकसर मुंह ढक कर वाहन चलाने वालों का पुलिस नाकों पर चालान काट देती थी। यहां तक की आदेशों की अवहेलना पर केस भी दर्ज किए जाते रहे, लेकिन कोरोना के कारण नियम बदल गए हैैं। महामारी से बचाव के लिए सरकार ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया और अब बिना मास्क के बाहर निकलने वालों पर पुलिस केस दर्ज करती है। इस स्थिति का बदमाश फायदा उठा रहे हैं। लुटेरों और बदमाशों ने मास्क को अपनी ढ़ाल बना लिया है।
कोरोना काल पुलिस पर भारी: मुंह पर कपड़ा बांधने पर पुलिस पहले करती थी केस दर्ज, अब मास्क हुए जरूरी
पंजाब में कर्फ्यू खत्म होने और लॉकडाउन में मिली छूट के बाद पुलिस की मुश्किलें बढ़ गए हैैं। कोरोना से बचाव के लिए प्रयोग किए जा रहे मास्क पुलिस के लिए चुनौती और अपराधियों की ढाल बन गए हैैं। अब मास्क की आड़ में बदमाश, लुटेरे और झपटमार वारदात को अंजाम दे रहे हैैं। इस कारण इनका शिकार बन रहे लोगों के साथ साथ पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैैं।

आरोपितों की पहचान के बगैर उन्हें पकड़ना के लिए बन रहा चुनौती, उपाय तलाश रही पुलिस
लुटेरे, झपटमार और बदमाश पहले भी मुंह ढककर वारदात को अंजाम देते रहे हैं, लेकिन खुलेआम मुंह ढक कर नहीं चल पाते थे। अब मास्क की अनिवार्यता के बाद वह पुलिस नाकों के सामने से आराम से निकल जाते हैं। इसी वजह से पुलिस को उनका पता तक नहीं चलता। इस कारण आम लोगों के बीच अपराधियों को ढूंढकर उन पर नकेल कसने में पुलिस के पसीने छूटने रहे हैैं।
मास्क पहनकर आए अपराधियों द्वारा किए गए अपराध-
– 20 मई: हैबोवाल में मास्क पहनकर आए हमलावरों ने सब्जी विक्रेता की हत्या कर दी।
– 18 मई: ग्यासपुरा में मास्क पहनकर आए हमलावरों ने एक युवक पर कातिलाना हमला किया।
– 14 मई: न्यू कुंदनपुरी में मास्क पहनकर आए हमलावरों ने मोबाइल कारोबारी की हत्या कर दी।
– इन घटनाओं के अलावा ग्यासपुरा क्षेत्र में ही पिछले एक सप्ताह में मास्क पहनकर आए लुटेरों ने चार लोगों से नकदी और मोबाइल छीन लिए।
सीसीटीवी कैमरों से फुटेज मिले पर चेहरों की पहचान नहीं
लूटपाट और झपटमारी करने वाले आरोपितों को ढूंढने के लिए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले लेकिन आरोपितों की पहचान नहीं हुई। मास्क के कारण उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है।
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” आरोपितों को पकडऩे के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। कुछ अपराधी मास्क लगाकर वारदात कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उन तक पहुंचने के लिए अलग-अलग थ्योरियों पर काम कर रही है। पहले भी अपराधी नकाब पहन कर वारदात करते थे, तब भी पुलिस उन तक पहुंच ही जाती थी।