भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर, अमेरिका ने चीन की आलोचना करते हुए कही ये बड़ी बात….

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर अमेरिका ने भारत का साथ देते हुए  चीन की आलोचना की है। वरिष्ठ अमेरिकी कूटनीतिज्ञ एलिस जी वेल्स ने चीन के व्यवहार को उकसाने और परेशान करने वाला करार दिया है। मध्य और दक्षिण एशिया के लिए अमेरिकी विदेश विभाग की शीर्ष अधिकारी वेल्स ने कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद हो या दक्षिण चीन सागर का मसला हो, चीन का रुख भड़काऊ और परेशान करने वाला रहा है।

वेल्स ने कहा, ‘मुझे लगता है कि लगता है कि सीमा पर तनाव एक चेतावनी है कि चीनी आक्रामकता हमेशा केवल बयानबाजी ही नहीं होती। चीन द्वारा उकसाने और परेशान करने वाले व्यवहार को दिखाता कि वह अपनी बढ़ती शक्ति का उपयोग कैसे करना चाहता है।’ वेल्स 31 साल लंबे करियर के बाद 22 मई को विदेश विभाग से सेवानिवृत्त होंगी। इस दौरान उन्होंने ट्रंप प्रशासन में तीन साल के लिए विदेश विभाग के महत्वपूर्ण दक्षिण और मध्य एशिया ब्यूरो का नेतृत्व किया।

एक समान विचार वाले देश एकत्रति हो रहे

वेल्स ने दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रमता को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि पूरे दक्षिण चीन सागर पर दावा करने वाले चीन का वियतनाम, मलेशिया, फिलिपींस, ब्रूनेई और ताइवान के साथ विवाद है। उसने दक्षिण चीन सागर में कई द्विपों पर सैन्य ठिकाने बना लिए हैं। यह इलाका खनिज का धनी है और वैश्विक व्यापार के लिए भी अहम रूट है। यही कारण है कि आशियान या दूसरे कूटनीतिक समूहों के जरिए  एक समान विचार वाले देश एकत्रति हो रहे हैं।

हम एक अंतरराष्ट्रीय प्रणाली चाहते है जो सभी को लाभ प्रदान करे

वेल्स ने कहा कि अमेरिका, जापान, भारत, ऑस्ट्रेलिया और दूनिया के दूसरे देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने आर्थिक सिद्धातों को लागू करने का प्रयास कर रहे हैं, जो सबके लिए मुक्त और खुले व्यापार की बात करता है। हम एक अंतरराष्ट्रीय प्रणाली चाहते है जो सभी को लाभ प्रदान करे  और न कि ऐसी प्रणाली जिसमें चीन का आधिपत्य हो।