ईरान में जो भी निर्दोष अमेरिकी जेल में बंद हैं, उन्हें तुरंत छोड़ना चाहिए: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो

कोरोना वायरस के खतरे के बढ़ने की वजह से अमेरिका में इमरजेंसी जैसे हालात हैं. पूरे देश में अभी तक एक हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं, जबकि 38 लोगों की मौत हो गई है.

इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ईरान को धमकी दी है. पोम्पियो ने कहा है कि ईरान की जेल में बंद अमेरिकी नागरिकों की अगर कोरोना वायरस की वजह से मौत हुई तो अंजाम बुरा होगा.

पिछले कुछ समय में अमेरिका और ईरान के संबंधों में कटुता आई है और इस बीच कोरोना वायरस के असर ने सतर्कता और भी बढ़ा दी है. दुनिया में चीन और इटली के बाद कोरोना वायरस की वजह से सबसे अधिक मौत ईरान में ही हुई हैं.

माइक पोम्पियो ने एक बयान में कहा कि ईरान में जो भी निर्दोष अमेरिकी जेल में बंद हैं, उन्हें तुरंत छोड़ना चाहिए. क्योंकि कोरोना वायरस का असर ईरान में बढ़ता जा रहा है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर कोरोना वायरस की वजह से किसी भी अमेरिकी नागरिक की मौत हुई तो इसकी जिम्मेदारी ईरानी सरकार की होगी.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका कार्रवाई करेगा, तो ये जवाबी कार्रवाई होगी. बता दें कि ईरान की जेलों में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है और अभी तक कई केस सामने आ भी चुके हैं इसी के बाद अमेरिका ने ये बयान दिया है.

इसी को देखते हुए ईरान ने ऐलान किया है कि वह जेल में बंद 70 हजार कैदियों को रिहा कर देगा, जो कि नेगेटिव पाए गए हैं. अमेरिका ने कहा है कि अगर ईरान कोरोना से लड़ाई में मदद मांगेगा तो वह तैयार हैं.

गौरतलब है कि प्राप्त जानकारी के अनुसार दुनिया के 124 देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं और कुल 1,26,367 लोग कोरोना से संक्रमित हैं. दुनिया भर में अबतक 4,633 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुल 68,304 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है.