कोरानावायरस से घबराकर अब पाकिस्तान ने ईरान से लगने वाले अपने बॉर्डर को कर दिया बंद

चीन के कोरानावायरस का कहर अब दुनिया के बाकी देशों में भी दिखने लगा है। वुहान और हुबेई प्रांत में इसके कहर से सबसे अधिक मौतें हो चुकी हैं। कोरोना ने चीन की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। आलम ये हो गया कि बीते दो माह से चीन में कोरोनावायरस का कहर लगातार जारी है। सभी बाजार बंद हैं, सड़कें खाली पड़ी हैं, लोग घरों में बंद हो गए हैं। बाहरी गतिविधि पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं। स्कूलों में छुट्टी है। बच्चे आनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। चीन में अगले माह जो खेल होने वाले थे वो स्थगित कर दिए गए हैं। खिलाड़ियों ने कोरोनावायरस के चलते घरों से निकलना बंद कर रखा है।

स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन में कुछ दिन पहले तक मुंह पर पहना जाने वाला मास्क तक खत्म हो गया था। इसको लेकर दुनिया के बाकी देशों ने मास्क और अन्य मेडिकल सुविधाओं की मदद की, उसके बाद स्थिति सामान्य हो पाई। नए अस्पताल का निर्माण कर दिया गया है। जिम और स्टेडियम आदि को कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों को एडमिट करने में तब्दील कर दिया गया है।

अब पाकिस्तान के पड़ोसी देशों में भी कोरोनावायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या में इजाफा होने लगा है। ईरान में कोरोनावायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 8 तक पहुंच गई है, इसको देखते हुए अब पाकिस्तान ने ईरान से लगी अपनी सीमा को आवाजाही के लिए अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। पाकिस्तान और ईरान की सीमा तफ्तान नामक जगह पर लगती है, यहां दोनों देशों को कनेक्ट करने के लिए बाकायदा गेट लगे हुए हैं, इसी से ईरान से पाकिस्तान आवाजाही होती है।

पाकिस्तान की प्रमुख साइट डॉन के अनुसार बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर जियाउल्लाह लैंगोव ने डॉन न्यूज टीवी को बताया कि ईरान में कोरोनोवायरस की मौतों की रिपोर्ट के मद्देनजर अधिकारियों द्वारा रविवार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि हमने सीमा को बंद कर दिया है। बलूचिस्तान सरकार ने ईरान से सड़क मार्ग से पाकिस्तान जाने वाले तीर्थयात्रियों की यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया है और प्रांतीय गृह विभाग से इस संबंध में अन्य प्रांतों के साथ समन्वय करने को कहा है।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमल एलियानी ने प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को एक आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ताफ्तान में पाक-ईरान सीमा पार 100-बिस्तर तम्बू अस्पताल की स्थापना करने का भी निर्देश दिया है। ताफ्तान के सहायक आयुक्त नजीबुल्लाह क़मरानी ने कहा कि पाकिस्तान हाउस में रहने वाले उन तीर्थयात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि ताफ्तान में 100-बेड के टेंट स्थापित करने की तैयारी भी शुरू हो गई है और डॉक्टरों की एक टीम इस्लामाबाद से पहुंची है।

इस बीच, धार्मिक मामलों के मंत्री नूरुल हक कादरी ने ईरानी अधिकारियों से कोरोनवायरस से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में बात की। धार्मिक मामलों के मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि हम तीर्थयात्रियों को बीमारी से बचाने के लिए नीति तैयार करने के लिए धार्मिक विद्वानों और टूर समूहों के साथ भी संपर्क में है।

सीओवीआईडी ​​-19 (COVID-19) के प्रकोप ईरान में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने रविवार से देश भर के 14 प्रांतों में स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षिक केंद्रों को बंद करने के लिए आदेश दिया है। साथ ही सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय भी करने को कहा है। फिलहाल ईरान में इसका प्रकोप पवित्र शहर क़ोम पर केंद्रित है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता किन्यौश जहानपुर ने कहा कि 15 नए पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें से सात क़ोम शहर में हैं जबकि चार राजधानी तेहरान में हैं।

बलूचिस्तान सरकार ने पहले ईरान के साथ सभी सीमावर्ती जिलों में तत्काल प्रभाव से आपातकाल लगा दिया था। प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमल ऐलानी से भी संपर्क किया और वायरस को देश में प्रवेश से रोकने के विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे पाक-ईरान सीमा के साथ प्रांत में सभी सुरक्षात्मक उपाय करें।

एलियानी ने कहा था कि वह प्रांतीय सरकार द्वारा उठाए गए सभी सुरक्षा उपायों की निगरानी कर रहा था। स्वास्थ्य पर प्रधान मंत्री के विशेष सहायक डॉ.जफर मिर्जा भी बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और प्रांतीय सरकार को सभी मदद और सहयोग का आश्वासन दिया।