
जसप्रीत बुमराह क्रिकेट की दुनिया में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी आक्रमण की वो धुरी हैं। क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में बुमराह की गेंदबाजी देखने योग्य होती है और उन्हें खेल पाना दुनिया के हर बल्लेबाज के लिए एक बड़ी चुनौती जो एक सच भी है और सभी इसे मानते भी हैं। उन्होंने इस मुकाम तक आने के लिए कड़ी मेहनत भी की है और ये बात वो अपने क्रिकेट फैंस से साझा कर चुके हैं, लेकिन टीम इंडिया का हिस्सा बनने में किसने उनके लिए सबसे बड़ी भूमिका निभाई इसका खुलासा उन्होंने अब किया है। 
जसप्रीत बुमराह ने कहा कि वो आज टीम इंडिया के लिए खेल रहे हैं और इसका पूरा श्रेय जॉन राइट को जाता है। उन्होंने कहा कि वो जॉन राइट ही थे जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और फिर उसे तराशने में उनकी मदद की। आपको बता दें कि जब जॉन राउट मुंबई इंडियंस के साथ जुड़े थे तब उन्होंने ही बुमराह को मुंबई की टीम में सिलेक्ट किया था। जॉन राइट टीम इंडिया के मुख्च कोच भी रह चुके हैं। मुंबई टीम में जगह मिलने के बाद बुमराह ने अपनी शानदार गेंदबाजी से सबको खूब प्रभावित किया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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क्रिकबज को दिए एक इंटरव्यू में बुमराह ने कहा कि जब मैं 19 साल का था तब अपनी रणजी टीम गुजरात की तरफ से खेलने के लिए मुंबई में था। यहीं पर मुंबई के कोच जॉन राइट की नजर मुझ पर पड़ी और फिर उन्होंने हमारी टीम के कप्तान पार्थिव पटेल से मेरे बारे में बात की। उनके पास किसी के टैलेंट को पहचानने की कमाल की क्षमता है और मैं काफी भाग्यशाली था कि उन्होंने मुझे भी मौका दिया। इसके बाद उन्होंने मेरी फिटनेस और गेंदबाजी पर खूब मेहनत की और इसी की वजह से मैं टीम इंडिया में जगह बना पाया।
बुमराह ने कहा कि मैं आज भी उनके संपर्क में हूं और उनसे राय लेता रहता हूं। मैं उनसे हमेशा कहता हूं कि उन्हीं की वजह से मैं भारत के लिए खेल रहा हूं। हालांकि राइट कहते हैं कि इसमें मेरा कोई रोल नहीं है और तुम अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर यहां हो। बुमराह ने अब तक भारत के लिए 13 टेस्ट, 64 वनडे मैच और 50 टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।