
चारों तरफ से आलोचना झेलने के बाद आखिरकार पाकिस्तान मजबूरन ही सही लेकिन अपने नागरिकों को वुहान से वापस लाने पर राजी हो ही गया। करीब 97 पाकिस्तानियों को लेकर वुहान से दो विमान इस्लामाबाद पहुंचे हैं। इनमें 40 छात्र भी शामिल हैं। अफसोस की बात ये है कि पाकिस्तान ने अपने नागरिकों को स्वदेश वापस लाने के लिए अपने एयरलाइंस को मुहैया भी नहीं करवाया। वुहान से ये सभी किस्तानी नागरिक कतर एयरवेज और चाइना सदर्न एयरलाइंस से वापस लौटे हैं।
आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने वुहान में मौजूद अपने नागरिकों को वापस लाने से साफ इनकार कर दिया था। इसको लेकर इन लोगों के परिजनों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था। वहीं अपने ही नागरिकों को वापस न लाने के फैसले को लेकर पाकिस्तान को लगातार चौतरफा आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। भारत की नागरिकता हासिल करने वाले गायक अदनान सामी ने भी इसको लेकर पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना की थी।
पाकिस्तान एयरलाइंस से इन लोगों के वापस न आने की वजह से ये भी माना जा रहा है कि वुहान से बाहर निकलने के लिए इन लोगों ने निजी तौर पर दूसरी एयरलाइंस का सहारा लिया है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत वुहान से ही हुई थी और यहां पर ही इसके सबसे अधिक मरीज भी सामने आ रहे हैं। वुहान में करीब 500 पाकिस्तानी नागरिक मौजूद हैं जो लगातार सरकार से बाहर निकाले जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा चीन में करीब 30 हजार पाकिस्तानी नागरिक मौजूद हैं।
पाकिस्तान को इन्हें वापस लाने को लेकर दो तरह का डर सता रहा था। पहला डर इस बात है कि कहीं इनकी वजह से यह वायरस वहां न पहुंच जाए और दूसरा डर है कि पाकिस्तान इस वायरस से बचाव को लेकर तैयार नहीं है। यह बात पहले ही पाकिस्तान की मीडिया में आ भी चुकी है। वहीं चीन में पाकिस्तान की राजदूत ने साफ-साफ कह दिया है कि पाकिस्तान में इसका इलाज संभव नहीं है। जहां तक पाकिस्तान में इस वायरस के मरीज मिलने की बात है तो वहां इसकी शुरुआत हो चुकी है। अफसोस की बात एक ये भी थी कि पाकिस्तान ने ये फैसला ऐसे समय में लिया था जब िविश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसको वर्ल्ड हैल्थ इमरजेंसी घोषित किया है।
वुहान में बसे अपने ही नागरिकों को लेकर किया गया इमरान सरकार का फैसला वास्तव में ही मानवता को शर्मशार करने वाला रहा है। इस फैसले ने पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर से पूरी दुनिया के सामने लाकर रख दिया है। सबसे बड़ा मजाक ये भी है कि भारतीय मुसलमानों समेत पूरी दुनिया के मुसलमानों का पैरोकार और रहनुमा बनने वाले पाकिस्तान अपने ही लोगों के साथ ऐसा घिनौना रवैया अपना सकता है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि वुहान में करीब 600 भारतीय भी रह रहे थे जिनमें से आधे करीब स्वदेश वापस आ चुके हैं। इसके बावजूद भी पाकिस्तान भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने से बाज नहीं आता है।