कांग्रेस ने भाजपा के बागी विधायक को पार्टी में शामिल होने का भी दिया खुला ऑफर…

Ketan Inamdar. गुजरात में भाजपा विधायक के इस्‍तीफे के बाद भी मुख्‍यमंत्री रूपाणी को विधायकों व भाजपा नेताओं की ओर से पत्र लिखने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मीडिया में इनके पत्र आने से इन की नाराजगी भी जगजाहिर हो रही है। इस बीच, मुख्‍यमंत्री व कांग्रेस अध्‍यक्ष के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई। गुजरात में करीब ढाई दशक से सत्‍ता पर आसीन भाजपा में कई बार पार्टी नेताओं का असंतोष सामने आया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने हर बार उसे शांत करा दिया।

मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी के खिलाफ पहली बार किसी विधायक ने नाराजगी जताते हुए अपना इस्‍तीफा दे दिया। इससे पहले भी भाजपा के तीन सांसद देवू सिंह चौहाण, डॉ किरीट सोलंकी तथा राज्यसभा सदस्‍य जुगलजी ठाकोर के सरकार को लिखे पत्रों के चलते राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं व अटकलों का बाजार गरम हो गया था। भाजपा नेता लगातार मंत्रियों व आला अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे ही हालात में वडोदरा सावली के विधायक केतन ईनामदार ने विधानसभा से इस्‍तीफा दे दिया था, जिसके बाद राज्‍य सरकार व भाजपा संगठन में हड़कंप मचा है।

गौरतलब बात है कि अक्‍सर मीडिया से मुखातिब होने वाले उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल अभी तक मीडिया के सामने नहीं आए हैं। उपमुख्‍यमंत्री पटेल की नाराजगी मुख्‍यमंत्री व भाजपा आलाकमान के खिलाफ कई बार गाहे-बगाहे सामने आई है।

कांग्रेस अध्‍यक्ष अमित चावड़ा ने भाजपा में असंतोष पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि दो और भाजपा विधायक इस्‍तीफा देने वाले हैं। कांग्रेस ने भाजपा के बागी विधायक केतन ईनामदार को कांग्रेस में शामिल होने का भी खुला ऑफर दिया है। चावड़ा ने ये भी कहा कि आधे पिच पर आकर खेलने वाले रूपाणी को उनके विधायक ही स्‍टंप आउट करेंगे। गत दिनों मुख्‍यमंत्री ने कहा था कि वे ट्वंटी 20 मैच की तरह काम करने आए हैं और आधे पिच पर आकर खेलना पसंद करते हैं।

मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने चावड़ा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस को इसमें खुश होने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस के कई विधायक उनकी पार्टी में शामिल होने को लाइन में हैं।

गौरतलब है कि भरुच के वागरा से भाजपा विधायक अरुण सिंह राणा ने मुख्‍यमंत्री को पत्र लिखकर उनके विधानसभा क्षेत्र में जीएनएफसी के टीडीआई प्‍लांट से निकलने वाले रासायनिक कचरे व गैस को लेकर आपत्ति जताई है। उनकी आशंका है किस इस प्‍लांट में फोसजीन नामक गैस का उपयोग होता है, जिसके कारण भोपाल में एक भयंकर हादसा हो चुका है।